जानिए कैसे एक 'नाई' बना 378 कारों का मालिक, चौंका देगी कहानी
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जानिए कैसे एक ‘नाई’ बना 378 कारों का मालिक, चौंका देगी संघर्ष की कहानी

कभी एक वक्त के खाने को तरसने वाले की किस्मत यूं पलटी कि आज वह 3.5 करोड़ की कार रॉल्स रॉयस में घूमता है, 378 से अधिक कारों का मालिक है और पूरे देश में ‘अरबपति बार्बर’ के नाम से मशहूर है।

नई दिल्ली- कभी एक वक्त के खाने को तरसने वाले की किस्मत यूं पलटी कि आज वह 3.5 करोड़ की कार रॉल्स रॉयस में घूमता है, 378 से अधिक कारों का मालिक है और पूरे देश में ‘अरबपति बार्बर’ के नाम से मशहूर है। ये कहानी है बंगलोर के रमेश बाबू की। गरीबी की चादर में लिपटे उनका बचपन बीता। लेकिन उन्होंने खुद को कभी उस चादर के दायरे में नहीं समेटा। बल्कि अपनी आँखों में सपने सजाये और उन सपनों को अपनी मुट्ठी में बंद कर लिया। आज वे लोगों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गए हैं।

रमेश बाबू का जन्म कर्नाटक राज्य के बैंगलोर शहर में एक गरीब परिवार में हुआ था। पिता नाई थे। ब्रिगेड रोड में उनका छोटा सा सैलून था। लोगों के बाल काटकर जो आमदनी होती, उससे परिवार की गुजर-बसर होती थी।

7 वर्ष की उम्र से ही संभाली जिम्मेदारी

आर्थिक रूप से कमजोर परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा, जब रमेश बाबू के पिता का देहांत हो गया। उस समय रमेश बाबू की उम्र मात्र 7 वर्ष थी। पिता के जाने के बाद घर चलाने की ज़िम्मेदारी रमेश बाबू की मां के कंधों पर आ गई। वे लोगों के घरों में बर्तन मांजने, साफ-सफाई और खाना बनाने का काम करने लगीं।

26 वर्ष पहले मारुति ओमनी से शुरू हुआ सफर

रमेश की कहानी काफी प्रेरणादायक है और यह साबित करता है कि उसके जैसा आदमी कुछ भी कर सकता है। रमेश बाबू ने अपने पिता के निधन के बाद उनके हेयर सैलून का कामकाज संभाला और जैसे ही वे एयर सैलून को संभालने लगे तो रमेश ने खर्च में कटौती की और इस प्रक्रिया में उन्होंने बहुत पैसे बचाए।

वर्ष 1994 में उन्होंने अपनी पहली कार मारुति ओम्नी खरीदी। इसके बाद रमेश ने इसे किराए पर देना शुरू कर दिया और इससे ज्यादा पैसे कमाने में मदद मिली। इसके बाद साल 2004 में रमेश के पास गैराज में करीब 7 कारें मौजूद थीं और वह उन सभी को अपने किराए के व्यवसाय के लिए इस्तेमाल करने लगे। ऐसा करते हुए आज इनके पार रोल्स रॉयस जैसी महंगी कार मौजूद है और इसके लिए वे एक दिन का किराया करीब 50,000 रुपये वसूलते हैं।

रेंटल बिजनेस का भी है काम

अब ऐसे में गौर करने वाली बात यह है कि अगर एक आदमी के पास लगभग 378 कारें हैं, तो इसका मतलब वह या तो अमीर है या फिर उसके पास इन गाड़ियों से संबंधित कोई बिजनेस है। बता दें, रमेश का बाल काटने के अलावा एक दूसरा कार रेंटल बिजनेस भी है, जिसे रमेश टूर एंड ट्रेवल्स के नाम से जानते हैं।

उनकी कंपनी अपने अमीर क्लाइंट्स को हाई-एंड कारें रेंट पर देती हैं और इनमें सलमान खान, आमिर खान और एश्वर्या राय जैसे कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज भी शामिल हैं। इसके अलावा रमेश की कंपनी पॉलिटिशयंस और अमीर उद्योगपतियों को भी कार किराए पर देती है।