कंगना से टकराव पर उद्धव, बोले-'मेरी खामोशी को मजबूरी न समझे'
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कंगना से टकराव पर उद्धव, बोले- ‘मेरी खामोशी को मजबूरी न समझे’

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत से विवादों के बीच महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे राज्य के लोगों को संबोधित किया।अपने संबोधन के शुरुआत में ही उन्होंने साफ कर दिया कि वो आज राजनीतिक मसलों पर बात नहीं करेंगे।

मुम्बई- बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत से विवादों के बीच महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे राज्य के लोगों को संबोधित किया।अपने संबोधन के शुरुआत में ही उन्होंने साफ कर दिया कि वो आज राजनीतिक मसलों पर बात नहीं करेंगे। इसलिए न तो उन्होंने कंगना-शिवसेना के बीच चल रहे विवाद पर कुछ बोला और न ही शिवसैनिकों द्वारा नेवी के पूर्व अफसर की पिटाई पर बात की।

उन्होंने कहा कि अभी उनका ध्यान कोरोना पर है, वह सही समय पर इस पर बात करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। पिछले दिनों मैंने कई मुसीबतों का सामना किया है और आगे भी राजनीतिक साइक्लोन का सामना करता रहूंगा, लेकिन मेरी खामोशी को मेरी मजबूरी न समझे।

मुख्यमंत्री पद की गरिमा का कर रहा हूं पालन

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा, कुछ लोगों को लग सकता है कि कोरोना खत्म हो गया है और उन्हें फिर राजनीति शुरू करनी चाहिए। मैं राजनीति पर बात नहीं करूंगा, लेकिन महाराष्ट्र को बदनाम करने की साजिश है। मेरी चुप्पी का यह मतलब नहीं कि मेरे पास जवाब नहीं हैं। मैं मुख्यमंत्री पद की गरिमा का पालन कर रहा हूं। 40 मिनट के संबोधन में उद्धव ठाकरे ने कोरोना, गरीबी, मराठा आंदोलन जैसे मुद्दों का जिक्र किया, लेकिन कंगना रनौत, सुशांत सिंह राजपूत केस और पूर्व नेवी अधिकारी पर हमले को लेकर बोलने से बचते रहे।

उन्होंने बताया कि 15 सितंबर से हम एक मुहिम शुरू कर रहे हैं। जो भी अपने महाराष्ट्र से प्यार करता है, वो इसे अपनी जिम्मेदारी समझेगा। महाराष्ट्र हमारा परिवार है, इसे सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। इसलिए मैंने इस मुहिम का नाम ‘मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी’ रखा है। मास्क ही हमारा ब्लैक बेल्ट है, यही हमारी रक्षा करेगी।

किसानों और मराठाओं को साधा

सीएम उद्धव ठाकरे ने किसानों को लेकर भी बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों का दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया जाएगा। किसानों को उत्पादन का उचित मूल्य मिले, इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं। उनकी कोशिश है कि किसान खुशहाल रहे। वहीं उन्होंने मराठा समुदाय से अपील की कि वे महामारी को देखते हुए कोई धरना, प्रदर्शन ना करें।

उन्होंने कहा कि, मैं मराठा समुदाय से अपील करता हूं कि वे कोई प्रदर्शन ना आयोजित करें, क्योंकि राज्य सरकार उन्हें आरक्षण उपलब्ध कराने के लिए सभी प्रयास कर रही है।