32 वर्षों के बाद जाने क्या करते हैं और कैसे दीखते हैं महाभारत के कलाकार
/

MHABHARAT: 32 वर्षों के बाद जाने क्या करते हैं और कैसे दीखते हैं द्रोपदी समेत महाभारत के कलाकार

80 के दशक के अंतिम वर्षों को याद कीजिये जब हर रविवार को महाभारत का इंतजार किया करते थे। पूरा मोहल्ला एक जगह इकट्ठा होकर महाभारत देखा करता था।

मुम्बई- 80 के दशक के अंतिम वर्षों को याद कीजिये जब हर रविवार को महाभारत का इंतजार किया करते थे। पूरा मोहल्ला एक जगह इकट्ठा होकर महाभारत देखा करता था। जिस घर में भी टीवी होता था वो घर सिनेमाहॉल की तरह खचाखच भरा होता था। कितने लोग ऐसे भी होते थे जो महाभारत के इन पात्रों को सच में देवी-देवता मानकर टीवी के सामने हाथ जोड़कर खड़े हो जाते थे।

बीआर चोपड़ा के इस एपिक शो की जैसे ही ओपनिंग ट्यून बजती थी और टीवी से आवाज आती थी ‘मैं समय हूँ’, हम भी महाभारत के समय में खो जाते थे। 2 अक्टूबर 1988 से दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाला ये शो भारतीय टेलेविजन के इतिहास में सबसे लोकप्रिय सीरियल्स में से एक है।

महाभारत सीरियल की स्क्रिप्ट वरिष्ठ साहित्यकार डॉ राही मासूम रजा ने लिखी थी। आज हम आपको महाभारत के कलाकारों से रूबरू कराने जा रहे हैं। 32 वर्षों बाद देखिए उनमें कितना परिवर्तन आया है।

नितीश भारद्वाज (श्रीकृष्ण)

श्रीकृष्ण का किरदार निभाकर नितीश भारद्वाज घर घर पूजे गए। उनकी पहचान ही भगवान श्रीकृष्ण की बन गई। हिंदी पट्टी के दर्शक उन्हें किसी और रूप में स्वीकार ही नहीं कर पाए। नितीश भारद्वाज बाद में मलयालम और मराठी फिल्म इंडस्ट्री का बड़ा चेहरा बने। कुछ वर्ष पूर्व मोहनजोदड़ो फिल्म में ऋतिक रोशन के चाचा का किरदार निभाया था। हाल ही में रिलीज केदारनाथ में भी दिखे थे।

मुकेश खन्ना (भीष्म पितामह)

भीष्म पितामह बनने वाले मुकेश खन्ना शक्तिमान के तौर पर भी खूब फेमस हुए। महाभारत के सबसे मजबूत किरदारों में से एक भीष्म का किरदार निभाकर मुकेश खन्ना खासे मशहूर हुए। उनकी अलग डॉयलॉग डिलीवरी ने उन्हें बाकी भीड़ से अलग खड़ा किया।

FTII के चेयरमैन बने और आजकल जयपुर और आगरा में एक्टिंग स्कूल चलाते हैं। लॉकडाउन में शक्तिमान और महाभारत के दोबारा टीवी प्रसारण ने उन्हें फिर चर्चा में ला दिया।

किरण जुनेजा (गंगा)

महाभारत सीरियल में गंगा का किरदार निभाकर किरण जुनेजा ने खासी शोहरत हासिल की। कई फिल्मों में टीवी सीरियलों का हिस्सा रही किरण ने बाद में फिल्म निर्माता- निर्देशक रमेश सिप्पी से विवाह कर लिया। किरण आज भी फिल्मों में सक्रिय हैं।

रेनुका इसरानी (गंधारी)

गंधारी का किरदार कर रेनुका ने भी काफी शोहरत बटोरी। कई फिल्मों, सीरियलों का हिस्सा रही रेनुका ने बाद में ‘बड़े अच्छे लगते हैं’ सीरियल में साक्षी तंवर की मां का किरदार निभाया।

रूपा गांगुली (द्रौपदी)

रूपा गांगुली ने महाभारत से ही अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। रूपा गांगुली ने महाभारत में द्रोपदी का किरदार निभाया और मशहूर हो गई। रूपा गांगुली बाद में बंगाली सिनेमा का मशहूर चेहरा रहीं। यही नहीं, उन्होंने गायन में भी हाथ आजमाया और राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला। रूपा गांगुली मौजूदा समय में भारतीय जनता पार्टी से सांसद हैं।

पंकज धीर (कर्ण)

कर्ण का किरदार निभाकर पंकज धीर ने आम लोगों के बीच जबरदस्त पकड़ बनाई। पंकज धीर तमाम टीवी शो और फिल्मों में अलग अलग किरदार निभाते रहे, पर कर्ण जैसी सफलता उन्हें कभी नहीं मिली। पंकज धीर के पुत्र निकेतन धीर भी फिल्म इंडस्ट्री में हैं। आज भी कई सीरियल में सहयोगी की भूमिका में दिख जाते हैं।

फिरोज खान (अर्जुन)

अर्जुन का किरदार निभाने वाले फिरोज खान को लोग अर्जुन नाम से ही आज भी जानते हैं। फिरोज खान ने 1990 के दशक में तमाम यादगार किरदार निभाए। उन्होंने देओल फैमिली के साथ ‘यमला पगला दीवाना 2’ में भी काम किया, तो करण-अर्जुन ने भी उन्हें शोहरत की बुलंदियों तक पहुंचाया।

पुनीत इस्सर (दुर्योधन)

पुनीत इस्सर दुर्योधन का किरदार निभाकर नफरत का नया चेहरा बने। पुनीत कई फिल्मों और सीरियलों में भी अपना जौहर दिखात रहे। उन्होंने सलमान खान को लेकर गर्व जैसी चर्चित फिल्म बनाई। वो बिगबॉस 8 का चेहरा भी रहे हैं।

गजेंद्र चौहान (धर्मराज युधिष्ठिर)

धर्मराज युधिष्ठिर बनने वाले गजेंद्र चौहान FTII के चेयरमैन बनने वाले दूसरे महाभारत के कलाकार हैं। युधिष्ठिर के रोल के बाद इनकी पॉपुलैरिटी का सबसे लंबा समय चेयरमैन बनने के दौरान ही आया, जब इनकी ‘खुली खिड़की’ जैसी फ़िल्में वापस से चर्चा में आ गईं।

प्रवीन कुमार (भीम)

हिंदुस्तान के लिए दो बार ओलम्पिक में हिस्सा ले चुके मंझले भैया भीम यानी प्रवीन कुमार ने एक्टिंग करियर की शुरुआत 1981 में गोरिल्ला के रोल से की थी। 2013 में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए, फिर बीजेपी में आ गए।