&Quot;आईपीएल में क्यों नहीं मांगते आराम...&Quot; खिलाडियों के आराम लेने के फैसले पर सुनील गावस्कर ने लगाई सबकी क्लास

Sunil Gavaskar: इंडियन टीम ने हाल ही में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम की घोषणा कर दी है. इस सीरीज में सीनियर खिलाडियों को एक बार फिर से आराम दिया गया है. साथ ही वाइट बॉल क्रिकेट में एक और नया कप्तान देखने को मिला. ऐसे में BCCI की आलोचना भी सोशल मीडिया पर काफी देखने को मिल रही है. कई पूर्व खिलाडी ऐसे खिलाडियों के ज्यादा आराम लेने के फैसले पर कड़ा बयान दिया है.  इस क्रम में पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ ने भी अब बोर्ड को आड़े हाथ लेते हुए सीनियर भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए आराम मिलने पर सवाल उठाया है.

आईपीएल में क्यों नहीं लेते आराम – Sunil Gavaskar

Rahul Tewatia

बीसीसीआई ने वेस्टइंडीज दौरे पर बुमराह, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे बड़े नामों को टीम में शामिल नहीं किया है जिसकी वजह आराम दिए जाना बताया जा रहा है. ऐसे में दिग्गज खिलाडी सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने अपनी बात करते हुए कहा, “जब खिलाड़ी आईपीएल के समय रेस्ट नहीं लेते हैं, तो भारत के लिए खेलने के समय ऐसा क्यों होता है? देखिए मैं (भारत के मैचों के दौरान) आराम करने की खिलाड़ियों की सोच से सहमत नहीं हूं. आप भारत के लिए खेल रहे हैं. आप आईपीएल के दौरान आराम नहीं करते. लेकिन, भारत के लिए खेलते हुए आराम करते हैं. मैं इससे सहमत नहीं हूं.”

Sunil Gavaskar ने आगे कहा,“आपको भारत के लिए खेलना होगा. आराम की बात मत करो. टी20 में एक पारी में केवल 20 ओवर होते हैं. इससे आपके शरीर पर कोई असर नहीं पड़ता है. टेस्ट मैच में दिमाग और शरीर पर असर पड़ता है, लेकिन टी20 क्रिकेट में (खेलने में) ज्यादा दिक्कत नहीं होती है.”

कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव का दिया सुझाव

Sunil Gavaskar

बीसीसीआई ने यह भी साफ़ तौर पर कहा है की यह ध्यान देने वाली बात है की कौन खिलाडी ज्यादा रेस्ट मांगते है. उनके अनुसार जो खिलाडी ज्यादा आराम चाहते है तो उनका कॉन्ट्रैक्ट ग्रेड कम कर देना चाहिए. सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने बोर्ड को सुझाव देते हुए कहा, मैं महसूस करता हूं कि बीसीसीआई को आराम की इस अवधारणा पर सोचने की जरूरत है. सभी ग्रेड ए क्रिकेटरों को बहुत अच्छे अनुबंध मिले हैं. उन्हें हर मैच के लिए भुगतान मिलता है. मुझे बताओ कि क्या कोई कंपनी है, जिसके सीईओ या एमडी को इतनी छुट्टियां मिलती हैं? मुझे लगता है कि अगर भारतीय क्रिकेट को और अधिक पेशेवर बनना है तो एक रेखा खींचनी होगी.”

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