एकतरफा प्यार में डॉक्टर ने साथी डॉक्टर की गोली मारकर की हत्या
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एकतरफा प्यार में डॉक्टर ने साथी डॉक्टर की गोली मारकर की हत्या

उत्तर प्रदेश में आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस पास कर चुकी युवा महिला डॉक्टर की बेरहमी से हत्या कर दी गई।

आगरा- उत्तर प्रदेश में आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस पास कर चुकी युवा महिला डॉक्टर की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस मामले में आगरा पुलिस ने एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि आगरा से दूर खाली प्लॉट में एक लड़की की लाश मिलने से हड़कंप मच गया था। शाम तक लाश की शिनाख्त हुई तो वो डॉक्टर योगिता गौतम की निकली। आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज से पास आउट डॉक्टर का फोन मंगलवार से ही नहीं लग रहा था।

शादी से इनकार पर ले ली डॉक्टर की जान

एसएन मेडिकल कॉलेज की पीजी पास स्टुडेंट डॉक्टर योगिता गौतम की हत्या करने वाले डॉ. विवेक तिवारी ने हत्या की बात कबूल ली। उसने बताया कि वो योगिता से शादी करना चाहता था लेकिन योगिता ने ऐसा करने से इंकार कर दिया था। हालांकि एक बार पहले विवेक भी योगिता से शादी के लिए इंकार कर चुका था, लेकिन इस बार योगिता के मना करने पर उसे गुस्सा आ गया और उसने योगिता को मारने का फैसला किया।

शव को जलाना चाहता था विवेक

मृतक डॉक्टर योगिता गौतम एसएन मेडिकल कॉलेज में स्त्रीरोग विभाग में पीजी की छात्रा थीं। आरोपी डॉक्टर विवेक तीर्थंकर मेडिकल कॉलेज में योगिता से एक साल सीनियर था, वहीं दोनों की मुलाकात हुई थी। पूछताछ में विवेक ने बताया कि योगिता उससे दूरी बना रही थी। लगा कि वह किसी और को चाहने लगी है। मुझे यह बर्दाश्त नहीं था। इसलिए आखिरी बार मुलाकात के लिए दबाव बनाया था। घर के बाहर से योगिता को विवेक ने रिसीव किया। लेकिन कार में बैठते ही योगिता नोकझोंक करने लगी। तभी योगिता ने विवेक के गाल पर थप्पड़ जड़ लिया इसके बाद विवेक ने उसके बाल पकड़े।

तब योगिता ने कहा कि तुमने मेरा इस्तेमाल किया है और मैं तुमसे नफरत करती हूं। इसके बाद विवेक ने गला दबा दिया। विवेक अपने साथ कार में बड़ा चाकू, पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर व कुछ केमिकल लेकर आया था। गला दबाने से योगिता नहीं मरी तो उसके सिर पर गोली मार दी। इसके बाद भी उसे लगा कि वह मरी नहीं है तो सिर पर गोली के घाव पर चाकू से हमला किया। योगिता के एक गोली सिर में, दूसरी गोली कंधे में और तीसरी गोली सीने में मिली है। इसके बाद विवेक ने डौकी में शव खेत में फेंक दिया। जहां शव के ऊपर लकड़ियां डाली थी। वह शव को जलाने ही वाला था कि अचानक से उसे किसी के आने की आहट सुनाई। जिसके बाद वह वहां से लखनऊ एक्सप्रेसवे के टोल से होते हुए उरई के लिए भाग गया।