हाथरस में वेबसाइट बनाकर जातीय दंगा फैलाने का आरोप
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हाथरस में वेबसाइट बनाकर जातीय दंगा फैलाने का आरोप

नई दिल्ली: हाथरस कांड पर जारी राजनिति के बीच एक बड़ी साजिश का खुलासा किया गया है। यूपी की सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि हाथरस के बहाने यूपी में जातीय दंगों की आग भड़काने की साजिश की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक एक फर्जी वेबसाइट बनाकर और इसके ज़रिए जातीय दंगे कराने की साजिश रची गई.

वेबसाइट पर हजारों लोगों को जोड़ने की बात

इस वेबसाइट पर हजारों लोगों को जोड़ने की बात कही जा रही है, अमेरिका की तर्ज पर रातों रात जस्टिस फॉर हाथरस विक्टिम के नाम से एक वेबसाइट बनाई गई. दावा है कि इस वेबसाइट में हाथरस को लेकर हिंसा की आग भड़काने के लिए क्या करना है और क्या नहीं करना है सबकुछ विस्तार से बताया गया है.

ये भी पता चला है कि मदद के नाम पर हिंसा फैलाने के लिए फंडिंग का भी इंतजाम किया जा रहा था. बड़ी खबर ये है कि PFI, SDPI जैसे संगठन जो नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसा में शामिल थे उन्हीं संगठनों ने यूपी में भी हिंसा फैलाने के लिए वेबसाइट तैयार कराने में मदद की है.

दंगे भड़काने वाली वेबसाइट’ पर दिए गए निर्देश

दंगे भड़काने वाली वेबसाइट’ पर क्या निर्देश दिए गए? वैस्लीन, सनस्क्रीन, तेल ना लगाएं, इससे केमिकल का असर होगा. कॉन्टेक्ट लैंस ना पहनें, केमिकल से आंखों को नुकसान हो सकता है गहने, टाई जैसी चीजें ना पहने, आसानी से पकड़े जा सकते हैं. खुले और बड़े बाल ना रखें, ब्रैंडेड कपड़े ना पहनें, क्योंकि इससे पकड़े जाने का खतरा, काले-ढीले कपड़े पहनें, पुलिस मोटे पतले की तलाश करेगी, स्वीमिंग चश्मे पहने जिससे आंखों को टियर गैस से बचा सकें,पानी में भीगी पट्टी बांधे, इससे केमिकल से बचाव होगा,पूरे शरीर को ढंक कर रखे, जिससे मिर्ची पाउडर से बच सकें, पैरों में स्नीकर पहनें, इससे भागने में आसानी रहेगी, साइकिल हैट पहनें, टियर गैस से बच सकते हैं, ग्लव्स पहनें, इससे गर्म टियर गैस को वापस भेज सकते हैं, किसी भी घटना से पहले प्लान करें, दंगा करने की जगह की पहचान करें, जरूरत पड़ने पर कहां छिपना है, पहले से तय करें, पुलिस को देखते ही गैस मास्क पहनें, पुलिस की कार्रवाई का वीडियो बना लें, अकेले ना जाएं, किसी रिश्तेदार या परिचित को साथ ले जाएं, क्रेडिट कार्, एटीएम ना ले जाएं, कैश का इस्तेमाल करें

सीएम को जातीय हिंसा की आशंका

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाथरस में कल हुई भीड़ के हंगामे को राज्य सरकार के खिलाफ षड़यंत्र बताया. उन्होंने कहा था कि जिसे विकास अच्छा नहीं लग रहा, वे लोग जातीय और सांप्रदायिक हिंसा भड़काना चाहते हैं. सीएम ने कहा,

”जिसे विकास अच्छा नहीं लग रहा, वे लोग देश में और प्रदेश में भी जातीय दंगा, सांप्रदायिक दंगा भड़काना चाहते हैं, इस दंगे की आड़ में विकास रुकेगा. इस दंगे की आड़ में उनकी रोटियां सेंकने के लिए उनको अवसर मिलेगा, इसलिए नए-नए षड्यंत्र करते रहते हैं.”

इसके तार जुड़ेपीएफआई और एसडीपीआई जुड़े

वेबसाइट पर बेहद आपत्तिजनक कंटेंट मिले हैं. इस बेवसाइट ने वॉलेंटियर्स की मदद से हेट स्पीच और भड़काऊ सियासत की भी स्क्रिप्ट तैयार की थी. जांच में सामने आया है कि पीएफआई और एसडीपीआई ने इस वेबसाइट को तैयार करने में मदद की है. रविवार की देर रात जैसे ही छापेमारी शुरू हुई थी. रात को ही यह वेबसाइट बंद हो गई. मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए फेक न्यूज, फोटो शॉप तस्वीरों, अफवाहों, एडिटेड विजुअल्स का दंगे भड़काने के लिए इस्तेमाल किया गया था.