देवेंद्र मिश्र के वायरल ऑडियो से खुला उस काली रात का सच

विकास दुबे केस में देवेंद्र मिश्र के वायरल ऑडियो से खुला उस काली रात का सच

बिकरू कांड में शहीद डीएसपी देवेंद्र मिश्र और एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव के बीच की बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हुई है जिसमें सीओ पूर्व चौबेपुर एसओ और तत्कालीन एसएसपी पर आरोप लगा रहे हैं।

कानपुर- बिकरू कांड में शहीद डीएसपी देवेंद्र मिश्र और एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव के बीच की बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हुई है जिसमें सीओ पूर्व चौबेपुर एसओ और तत्कालीन एसएसपी पर आरोप लगा रहे हैं। वायरल रिकॉर्डिंग में डीएसपी देवेंद्र मिश्र कह रहे हैं कि जुआरियों पर गैंगस्टर न लगे इसके लिए पूर्व चौबेपुर थानेदार विनय तिवारी ने तत्कालीन एसएसपी अनंत देव तिवारी को पांच लाख रुपये दिए थे। ये बातचीत विकास दुबे के घर पर दबिश देने के कुछ देर पहले की है। इस रिकॉर्डिंग के वायरल होने से समूचे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

बोले थे सीओ- एसओ विकास दुबे के पैर छूता है


वायरल रिकॉर्डिंग के मुताबिक दो जुलाई की रात चौबेपुर के बिकरू गांव में दबिश देने से कुछ देर पहले डीएसपी देवेंद्र मिश्र ने एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव को फोन किया था। कहा था कि एसओ विनय तिवारी अपराधी विकास दुबे के पैर छूता है। इसलिए वो मुझे भी दबिश पर ले जाना चाहता है, जिससे वो बाद में विकास से कह सके कि दबिश सीओ ने डलवाई थी।

जुआ करवा लाखों रुपये वसूलता था एसओ

डीएसपी देवेंद्र मिश्र ने कहा कि एसओ जुआ करवा लाखों रुपये वसूलता था जिसे उन्होंने खुद पकड़ा। रिपोर्ट भेजी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीएसपी ने कहा कि एसओ ने जुआ के आरोपियों को डराया कि तुम पर गैंगस्टर लग जाएगा। जिसके बाद उनसे पांच लाख रुपये लेकर एसएसपी को दे दिए। वायरल रिकॉर्डिंग में सीओ ने कहा कि एसओ विनय तिवारी से मैंने कई बार कहा कि विकास दुबे से संबंध न रखो। अगर इससे संबंध रखोगे तो वो मर्डर करवा देगा, वो थाने में मरवा देगा दो चार को।

वायरल रिकॉर्डिंग पर आईपीएस अनंत देव ने कहा कि जो भी आरोप लगे हैं, वो निराधार हैं। निष्पक्ष जांच हो सके इसलिए जुआ पकड़े जाने का मुकदमा चौबेपुर के बजाए बिल्हौर थाने में दर्ज कराया था। उसमें गैंगस्टर की कार्रवाई चौबेपुर एसओ को नहीं बल्कि बिल्हौर इंस्पेक्टर व सीओ बिल्हौर को ही करनी थी। जब चौबेपुर एसओ के पास गैंगस्टर लगाने का अधिकार ही नहीं था तो वो आरोपियों को इसके लिए कैसे धमकाकर पैसे ले सकता है।