पंचतत्त्व में विलीन हुए मोहित, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
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पंचतत्त्व में विलीन हुए जवान मोहित, नम आंखों के साथ दी गई अंतिम विदाई

उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर जिले के रहने वाले सेना के जवान मोहित बालियान का बीते शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ में संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई थी।

मुजफ्फरनगर- उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर जिले के रहने वाले सेना के जवान मोहित बालियान का बीते शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ में संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई थी। रविवार सुबह जवान का पार्थिव शरीर पैतृक गांव गढ़ी नोआबाद लाया गया तो सबकी आंखों से आंसू बह निकले। तिरंगे में लिपटे पार्थिव देह को देखने के लिए भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। लोगों ने भारत माता की जय और जब तक सूरज चांद रहेगा मोहित तेरा नाम रहेगा का जयघोष किया। केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान व अन्य ने श्रद्धांजलि दी। इसके बाद जवान का सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

शहादत के दर्जे को लेकर अभी संशय बरकरार

जवान की शहादत को लेकर अभी संशय बरकरार है। सेना की ओर से मोहित को शहीद का दर्जा देने की बात अभी नहीं कही गई है। सेना के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच चल रही है कि मोहित की मौत क्रॉस फायरिंग में हुई है या फिर किसी और दूसरे कारण से। जांच होने के बाद ही फैसला हो पाएगा इस दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, पूर्व विधायक राजपाल बालियान, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी समेत पूरे प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। गांव के हजारों लोगों ने शहीद के अंतिम दर्शन किए।

5 वर्ष पहले ही भर्ती हुए थे सेना में

भौराकलां थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी नौआबाद निवासी मोहित बालियान (27) पुत्र ताराचंद वर्ष 2015 में जिला मुख्यालय पर हुई खुली भर्ती में सेना में भर्ती हुआ था। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद मोहित की पहली तैनाती राजस्थान के अलवर में हुई थी। करीब डेढ़ साल से उसकी ड्यूटी जम्मू-कश्मीर के राजौरी-पुंछ सेक्टर में चल रही थी। जनवरी 2020 में वह एक माह की छुट्टी पर घर आया था।

मोहित के चचेरे भाई जिला पंचायत सदस्य अजय बालियान ने बताया था कि शुक्रवार सुबह उनके मोबाइल पर सेना के हेडक्वार्टर से कॉल कर मोहित की सिर में गोली लगने की जानकारी दी गई थी।