बिकरू में घूम रहा विकास दुबे का भूत, गाँव वालों ने कहा....
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बिकरू में घूम रहा विकास दुबे का भूत, गाँव वालों ने किया कई खुलासे

कानपुर का बिकरू गांव, जहां जैसे ही सूरज डूबता है, लोग जल्दी-जल्दी अपने घर लौट लगते हैं और घरों के दरवाजे बंद कर लेते हैं। ये दास्तां उत्तर प्रदेश में कानपुर के उस गांव की है...

कानपुर- कानपुर का बिकरू गांव, जहां जैसे ही सूरज डूबता है, लोग जल्दी-जल्दी अपने घर लौट लगते हैं और घरों के दरवाजे बंद कर लेते हैं। ये दास्तां उत्तर प्रदेश में कानपुर के उस गांव की है, जिसने हाल के दिनों में सबसे भायवह खून-खराबा वाला मंजर देखा था। अब पहले की तरह लोग दिन में या शाम को बैठकर बातें नहीं करते हैं। सूरज डूबते ही एक भयानक सन्नाटा बिकरू को घेर लेता है।

कुख्यात अपराधी विकास दुबे को मरे दो महीने सेे ज्यादा हो गए हैं पर उसके गांव से खौफ, भय और दहशत नहीं गई। पहले लोग विकास के खौफ से कांपते थे और अब उसकी आत्मा से सहमे हैं। बिकरू गांव में अब लाेग कहने लगे हैं कि जितने अपराधी मारे गए हैं उनमें से अधिकांश का क्रियाकर्म नहीं हुआ। ऐसे में उनकी आत्माएं यहां भटकती होंगी।

ग्रामीणों का दावा देखा है विकास का भूत

बिकरू के रहने वालों का कहना है कि अब भी उन्‍हें रात में गोलियों की आवाजें सुनाई देती हैं। एक ग्रामीण ने अपना नाम तो नहीं बताया लेकिन कहा, ‘आज भी गोलियों की आवाज सुनाई देती है। सब जानते हैं पर बोलता कोई नहीं। कुछ लोगों ने विकास भइया के भूत को देखा भी है।’

दबी जुबान में गांव वाले कहते हें कि उन्‍हें अकसर विकास दुबे अपने घर के खंडहर पर बैठा दिखाई देता है। वहीं दूसरी ओर विकास दुबे के खंडहर हो चुके मकान के पास रहने वाले एक परिवार की महिला ने बताया कि, कई बार हमें सुनाई देता है जैसे कुछ लोग आपस में बात कर रहे हैं, लेकिन वह बातचीत साफ नहीं सुनाई देती। बीच-बीच में हंसने की आवाजें भी सुनाई देती हैं। आपको बता दें कि 2 और 3 जुलाई की रात बिकरू गांव में हुए नरसंहार के बाद शासन ने विकास दुबे के मकान को बुलडोजर से ढहा दिया था।

‘खंडहर में बैठा मुस्‍करा रहा था विकास’

नाम न छापने की शर्त पर एक बुजुर्ग ने कहा कि कुछ दिनों पहले जब वह रात में लघुशंका के लिए उठे तो उन्‍होंने देखा कि विकास दुबे वहां बैठा मुस्‍कुरा रहा है। बुजुर्ग ने बताया, ‘ऐसा लग रहा था कि जैसे वह हम लोगों को कुछ बताना चाह रहा था। वह अपनी मौत का बदला लेगा जरूर।’

ऐसा ही दावा गांव के अन्य लोगों ने भी किया है। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों के दावों को खारिज किया। वहीं ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों का कहना है कि उन्होंने ऐसा कुछ कभी नहीं दिखा। ड्यूटी करने में भी कभी कोई समस्या नहीं आई। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों के दावों को भी खारिज किया।

चौबेपुर थाने में हुआ था हवन पूजन

पिछले एक सितंबर को चौबेपुर थाने में हवन-पूजन कराया गया था। साथ ही पुलिसकर्मियों ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया था। पूजा पाठ को लेकर किये गए सवाल पर एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया था कि सामान्य हवन पूजन हुआ था। उन्होंने ये भी कहा था कि जैसा कि हर थाने में मंदिर बने होते हैं और उनकी पूजा-अर्चना रोजाना होती है और यह एक सामान्य पूजा थी। जबकि थाने से जुड़े सूत्रों ने पुलिस वालों में डर होने की बात कही थी।

सूत्रों की मानें तो थाने में तैनात स्टाफ को भयमुक्त करने के लिए हवन-पूजन कराया गया था। बिकरु कांड के बाद थाने का पूरा स्टाफ सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद सभी नए स्टाफ को यहां तैनाती दी गई थी।