विकास दुबे के साथी जय बाजपेई पर होगी गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही, विनय तिवारी की बढ़ी मुसीबत

कानपुर। बिकरू कांड में 80 से अधिक पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, उनके खिलाफ एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस के आला अधिकारियों ने इससे संबंधित पूरी जानकारी और दस्तावेज एसआईटी को उपलब्ध करवा दिए हैं। बिकरू कांड के बाद पूर्व चौबेपुर एसओ विनय तिवारी व दरोगा केके शर्मा को जेल भेजा गया है। इसमें जय बाजपेई का साथ देने वाले एक दर्जन पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। विकास दुबे का खास साथी जय बाजपेई भी जेल में है।

कुख्यात के साथियों पर होगी एनएसए के तहत कार्रवाई

विकास दुबे के साथी जय बाजपेई पर होगी गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही, विनय तिवारी की बढ़ी मुसीबत

बिकरू कांड में दहशतगर्द विकास दुबे समेत छह आरोपी मुठभेड़ में ढेर हो चुके हैं। इसके अलावा दस से अधिक आरोपी जेल जा चुके हैं। आईजी ने बताया कि वारदात में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, उनको चिह्नित किया जा रहा है। किसी भी गुनाहगार को छोड़ा नहीं जाएगा। नामजद आरोपियों के अलावा इन सभी की गिरफ्तारी कर चार्जशीट दाखिल की जाएगी। उसके बाद सभी पर एनएसए की कार्रवाई भी होगी।

विकास के काली कमाई और गुनाहों का चिट्ठा ईडी को सौंपा

पुलिस ने विकास दुबे के आपराधिक इतिहास व संपत्ति का ब्योरा प्रवर्तन निदेशालय को दे दिया है। बिकरू कांड के बाद पूर्व चौबेपुर एसओ विनय तिवारी व दरोगा केके शर्मा को जेल भेजा गया है। तीन अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के साथ ही पूरे थाने के 68 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था। दूसरी ओर विकास दुबे का खास साथी जय बाजपेई भी जेल में है। मामले की जांच में सामने आया है कि एक दर्जन पुलिसकर्मियों ने जय का साथ दिया है।

खासतौर पर केस दर्ज होने के बावजूद लाइसेंसी रिवॉल्वर रखकर जय चलता था। इसमें पुलिसकर्मियों की बड़ी भूमिका सामने आई है। ज्ञात हो कि कन्नौज के पूर्व एएसपी केसी गोस्वामी ने 2018 की जांच रिपोर्ट में 11 पुलिसकर्मियों का जिक्र किया था, जो जय का साथ दे रहे थे। अब इन सभी मामलों की जांच एसआईटी ने शुरू कर दी है। 80 से अधिक पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच हो रही है। जांच पूरी होने के बाद बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

Leave a comment

Your email address will not be published.