This-21-Year-Old-Batsman-Has-Become-A-Nightmare-For-Indian-Bowlers-Sometimes-Scoring-A-Century-And-Sometimes-A-Double-Century

Batsman: दलीप ट्रॉफी 2025 का आगाज 28 अगस्त से हो चुका है। इस फेमस टूर्नामेंट का क्वाटर फाइनल मुकाबला नॉर्थ ज़ोन और ईस्ट ज़ोन के बीच खेला जा रहा है। इस मैच में एक 21 वर्षीय बल्लेबाज (Batsman) ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।  21 वर्षीय इस युवा बल्लेबाज ने सेंट्रल जोन की ओर से खेलते हुए नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ अपने डेब्यू मैच धमाकेदार दोहरा शतक जड़ सभी गेंदबाजों की नींद उड़ा दी है। तो आइए जानते है कौन है ये खिलाड़ी….

भारतीय गेंदबाजों के लिए बुरा सपना बना 21 वर्षीय Batsman

Batsman
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दिलीप ट्रॉफी 2025 में भारतीय घरेलू क्रिकेट ने एक युवा सितारे को पेश किया है, जिसने सभी गेंदबाजों की नींद उड़ा दी। यह सितारा है 21 वर्षीय दानिश मालेवार, जिन्होंने सेंट्रल जोन की ओर से नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में इतिहास रच दिया। इस युवा बल्लेबाज (Batsman) ने 203 रन की धुआंधार पारी खेली और 36 चौके तथा 1 छक्का लगाते हुए दोहरा शतक जड़ दिया। यह उपलब्धि उन्हें दलीप ट्रॉफी में पदार्पण पर दोहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज के रूप में इतिहास में दर्ज कराती है।

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कुछ ऐसा रहा क्रिकेट करियर

दानिश मालेवार (Batsman) का क्रिकेट करियर संघर्ष और मेहनत की कहानी से भरा है। नागपुर, महाराष्ट्र में जन्मे मालेवार के पिता एक दिहाड़ी मजदूर हैं, जो परिवार का गुजारा 15,000 से 20,000 रुपये प्रति माह में करते हैं। संसाधनों की कमी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद दानिश ने अपनी क्रिकेट यात्रा शुरू की। पुराने बैट और पैड से अभ्यास करके उन्होंने अपनी तकनीक और मानसिक दृढ़ता को निखारा। उनकी इस मेहनत ने उन्हें भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक नया सितारा बना दिया।

गेंदबाजों को दी चेतावनी

दिलीप ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय गेंदबाजों के लिए एक चेतावनी भी बन गया। अनुभवी गेंदबाज भी उनकी तेज और आक्रामक बल्लेबाजी (Batsman) के सामने दबाव में आ गए। दानिश मालेवार ने जिस तरह से गेंदबाजों को परेशान किया, उससे साफ जाहिर होता है कि वे बड़े मंच पर खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनके इस प्रदर्शन ने दर्शकों और विशेषज्ञों का ध्यान खींचा और भारतीय घरेलू क्रिकेट में उनकी क्षमता को उजागर किया।

रणजी में भी मचा चुके है धमाल

विदर्भ की टीम के लिए खेलते हुए मालेवार (Batsman) ने रणजी ट्रॉफी और अन्य घरेलू टूर्नामेंटों में भी शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी तकनीकी मजबूती, आक्रामक खेल और मानसिक दृढ़ता उन्हें भविष्य में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनाती है। युवा क्रिकेटरों के लिए उनकी कहानी प्रेरणादायक है, यह साबित करती है कि कठिनाइयों और सीमित संसाधनों के बावजूद, समर्पण और मेहनत से बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है।

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Kamakhya Reley is a journalist with 3 years of experience covering politics, entertainment, and sports. She is currently writes for HindNow website, delivering sharp and engaging stories that connect with...