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कौन थे PAK ब्रिगेडियर ख्वाजा मोहम्मद नसीर? जिनकी गोली से जुड़ा है अरुण खेत्रपाल का वीरगाथा इतिहास

कौन थे Pak ब्रिगेडियर ख्वाजा मोहम्मद नसीर? जिनकी गोली से जुड़ा है अरुण खेत्रपाल का वीरगाथा इतिहास

Film Ikkis: धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ 1 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. फिल्म में रलीड रोल में अगस्त्य नंदा नजर आए हैं. उन्होंने फिल्म में सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की भूमिका निभाई है. वहीं, फिल्म (Film Ikkis) में जयदीप अहलावत भी मुख्य भूमिका में हैं. उन्होंने उस पाकिस्तानी अफसर को किरदार निभाया है, जिसनें अरुण को मारा था. फिर पाकिस्तानी अफसर ने अरुण के पिता ब्रिगेडियर एमएल खेत्रपाल के सामने अपना गुनाह भी कबूल किया था. चलिए तो आगे जानते हैं यह पूरा किस्सा……

ब्रिगेडियर ख्वाजा मोहम्मद नसीर ने अरुण को मारी गोली

दरअसल, फिल्म (Film Ikkis) में जयदीप अहलावत ब्रिगेडियर ख्वाजा मोहम्मद नसीर के किरदार में नजर आ रहे हैं. उन्होंने जब लाहौर में अरुण के पिता से मुलाकात की थी, तब उन्होंने उसका स्वागत किया था. तब ही मोहम्मद नसीर ने उनके बेटे को मारने की बात कही थी. गौरतलब है कि अरुण खेत्रपाल के शहीद होने के कई साल बाद 2001 में उनके पिता ब्रिगेडियर एमएल खेत्रपाल ने सरगोधा जाने का फैसला लेते हैं. यहीं पर वो पैदा भी हुए थे. लेकिन ब्रिगेडियर एमएल खेत्रपाल ने सरगोधा में था. वहीं, लाहौर एयरपोर्ट पर उनकी मुलाकात पाक ब्रिगेडियर नसीर से होती है.

कौन थे पाक अफसर ब्रिगेडियर नसीर ?

पाक अफसर ब्रिगेडियर नसीर पाकिस्तान सेना की 13 लांसर्स के एक रिटायर्ड अधिकारी थे. साल 2001 में सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के पिता से मुलाकात की थी. तब से उनपर सभी की निगाहें थी. वहीं, 1971 में भारत-पाकिस्तान की बसंतर में हुई लड़ाई में अरूण खेत्रपाल अपनी आखिरी सांस तक लड़े थे, और 21 साल  (14 अक्टूबर 1950 – 16 दिसंबर 1971) की उम्र में देश के लिए शहीद हो गए.

अरुण खेत्रपाल को मिला बड़ा सम्मान 

सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल का जन्म  14 अक्टूबर 1950 को महाराष्ट्र के पुणे शहर में हुआ था. उनका पूरा परिवार देश की सेवा में जुटा हुआ था. उनके पिता ब्रिगेडियर एमएल खेत्रपाल भारतीय सेना के कोर ऑफ इंजीनियर्स में एक अधिकारी थे. वहीं, सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपालभारत के सबसे मशहूर युद्ध नायकों में से एक थे. जिन्होंने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपनी जान गंवा दी थी. उनके मरणोपरांत सरकार ने परमवीर चक्र से नवाजा था. इसके अलावा वह सिर्फ़ 21 साल की उम्र में और अपनी सर्विस के सिर्फ़ छह महीने बाद ही, वह PVC पाने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति बन गए. 

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Preeti Baisla is a content writer and editor at hindnow, where she has been crafting compelling digital stories since 2022. With a sharp eye for trending topics and a flair for impactful storytelling,...