Shubman Gill: टीम इंडिया के धाकड़ बल्लेबाज शुभमन गिल (Shubman Gill) एशिया कप 2025 में अपने बल्लेबाजी का जलवा बिखरने के लिए तैयार है। इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने दमदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था और इसी का इनाम बीसीसीआई ने उन्हें एशिया कप के लिए टीम इंडिया की कप्तानी दी है।
इन सब के बीच रणजी में खेली गई शुभमन गिल की एक तूफानी पारी तेजी से वायरल हो रही हैं। जिसमें उन्होंने विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी कर 268 रन कूट डाले है। तो आइए जानते है गिल की इस तूफानी पारी के बारे में विस्तार से…..
Shubman Gill ने ठोके 268 रन

रणजी ट्रॉफी 2018 के मोहाली में खेले गए पंजाब बनाम तमिलनाडु मुकाबले में युवा बल्लेबाज शुभमन गिल (Shubman Gill) ने अपने बल्ले से इतिहास रच दिया। इस मैच में गिल ने 328 गेंदों पर तूफानी 268 रन जड़े, जिसमें 29 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। उनकी इस पारी ने न केवल पंजाब को मजबूत स्थिति में पहुंचाया बल्कि रणजी इतिहास में उनकी पहचान को और भी पुख्ता कर दिया।
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कुछ ऐसा रहा मैच का हाल
तमिलनाडु ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मात्र 215 रन बनाए थे। इसके जवाब में पंजाब की ओर से गिल (Shubman Gill) ने आते ही मैदान पर चौकों-छक्कों की बरसात कर दी। दर्शक मंत्रमुग्ध होकर उनके शॉट्स का आनंद लेते रहे। उनकी पारी में कहीं धैर्य दिखा तो कहीं आक्रामकता, जो किसी भी बड़े बल्लेबाज की पहचान मानी जाती है। जब भी तमिलनाडु के गेंदबाज लाइन और लेंथ से भटके, गिल ने उन्हें चौकों और छक्कों से सबक सिखाया।
गिल की इस पारी ने पंजाब को 479 रनों तक पहुंचा दिया। यह स्कोर विरोधी टीम के लिए पहाड़ जैसा साबित हुआ। मैच के बाद उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। इस शतक ने यह भी साबित कर दिया कि गिल केवल अंडर-19 विश्व कप तक सीमित नहीं, बल्कि घरेलू क्रिकेट में भी लगातार धमाकेदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
विराट कोहली से हुई थी तुलना
यह पारी उनके करियर का टर्निंग प्वॉइंट मानी जाती है क्योंकि इसके बाद राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजरें उन पर और गहरी हो गईं। क्रिकेट विश्लेषकों ने गिल (Shubman Gill) की तुलना उस दौर में विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों से करना शुरू कर दिया था। उनकी बल्लेबाजी शैली, शॉट सिलेक्शन और आत्मविश्वास यह संदेश दे रहा था कि भारत को भविष्य का बड़ा सितारा मिल चुका है।
शुभमन गिल का यह 268 रन का तूफान रणजी ट्रॉफी की यादगार पारियों में गिना जाएगा। यह पारी न सिर्फ पंजाब के लिए बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए भी एक स्वर्णिम अध्याय है।
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