BCCI : बीसीसीआई (BCCI) अध्यक्ष रोजर बिन्नी (Roger Binny) की कुर्सी खतरे में है। ऐसी खबरें आ रही हैं कि उन्हें उनके पद से हटाने की तैयारी चल रही है और उनकी जगह 65 वर्षीय कांग्रेस नेता को BCCI का नया अध्यक्ष नियुक्त किया जा सकता है। रोजर बिन्नी हटाए जाने की खबरें आने के बाद फैंस के बीच भी चर्चाओं का दौर शुरु हो गया है, साथ ही इस फैसले ने खेल और राजनीतिक हलकों में भी तूफान ला दिया है।
कभी भी हो सकती है BCCI अध्यक्ष बिन्नी की छुट्टी!
🚨 RAJEEV SHUKLA – THE NEW ACTING PRESIDENT OF BCCI 🚨
BCCI Apex Council meeting was handled by the new Acting President Rajeev Shukla. [Abhishek Tripathi] pic.twitter.com/ixOD8MCxMR
— Johns. (@CricCrazyJohns) August 29, 2025
दरअसल पूर्व भारतीय ऑलराउंडर और 1983 विश्व कप विजेता रोजर बिन्नी की उम्र अब 70 साल से ऊपर की हो गई है, वह 19 जुलाई 2025 को 70 साल के हो गए थे। बोर्ड में अधिकारियों के लिए आयु-सीमा नियम उन्हें इस उम्र के बाद शीर्ष पद पर बने रहने से रोकता है।
2022 में सौरव गांगुली के बाद बीसीसीआई (BCCI) अध्यक्ष बने बिन्नी का इस तरह दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट निकाय के अध्यक्ष पद पर तीन साल का कार्यकाल पूरा होगा और बिन्नी कभी भी अपने पद से हटाए जा सकते हैं।
यह भी पढ़ें-करुण नायर टीम से हुए बाहर, 95 फर्स्ट क्लास मैच खेलने वाले को मिली उनकी जगह
65 वर्षीय कांग्रेस नेता संभालेंगे अध्यक्ष पद
रोजर बिन्नी के पद छोड़ने के बाद 65 वर्षीय काग्रेस के नेता अध्यक्ष पद संभालेंगे। हम जिस कांग्रेस नेता की बात कर रहे हैं वो कोई और नहीं बल्कि अनुभवी क्रिकेट प्रशासक और वर्तमान बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला हैं, जो कार्यवाहक अध्यक्ष का पदभार संभालेंगे।
65 वर्ष की आयु में, शुक्ला पात्रता आयु सीमा में आते हैं और परंपरा के अनुसार, शीर्ष पद रिक्त होने पर सबसे वरिष्ठ पदाधिकारी कार्यभार संभालते शुक्ला 2020 से क्रिकेट प्रशासन में सक्रिय रूप से शामिल हैं और बिन्नी के संन्यास के बाद सितंबर में नए चुनाव होने तक इस पद पर बने रहेंगे।
बड़ा है राजीव शुक्ला का राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद शुक्ला, राजनीतिक प्रभाव और क्रिकेट प्रशासन में विशेषज्ञता का मिश्रण लेकर आते हैं। वे इससे पहले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के अध्यक्ष रह चुके हैं, जहाँ उन्होंने सफलतापूर्वक टूर्नामेंट का संचालन किया था।
बीसीसीआई शीर्ष पद पर उनकी वापसी एक स्थिरता लाने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो नए अध्यक्ष के चुनाव तक शासन में निरंतरता सुनिश्चित करेगा। यह व्यवस्था 2017 और 2019 के बीच के परिदृश्य को दर्शाती है, जब सीके खन्ना बीसीसीआई कार्यवाहक अध्यक्ष थे।
यह भी पढ़ें-कौन हैं आकृति अग्रवाल? जिनके साथ पृथ्वी शॉ का नाम जुड़ रहा है, खूबसूरती में अप्सरा