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क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल कहा जाता है, जहां हर दिन नए रिकॉर्ड बनते और टूटते हैं। लेकिन कुछ रिकॉर्ड ऐसे होते हैं, जिन पर विश्वास करना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसा ही एक ऐतिहासिक कारनामा एक भारतीय युवा बल्लेबाज ने कर दिखाया, जो क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली या रोहित शर्मा तक नहीं कर सके। यह रिकॉर्ड इतना अविश्वसनीय है कि आज तक विश्व क्रिकेट में कोई अन्य बल्लेबाज इसे दोहरा नहीं पाया है।

1009 रन: जब एक बल्लेबाज ने पार की सभी सीमाएं

4 जनवरी 2016 को भंडारी कप के एक मुकाबले में जब आर्या गुरुकुल की टीम पहली पारी में महज 31 रनों पर सिमट गई, तब किसी को अंदाजा भी नहीं था कि अगली पारी में इतिहास रचा जाने वाला है। इसके बाद केसी गांधी स्कूल के सलामी बल्लेबाज प्रनव धनवाड़े (Pranav Dhanawade) ने ऐसी पारी खेली, जो क्रिकेट इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई।

प्रनव धनवाड़े (Pranav Dhanawade) ने 129 चौकों और 59 छक्कों की मदद से अविश्वसनीय 1009 रन ठोक दिए। यह किसी भी स्तर के क्रिकेट में बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। उनकी इस पारी ने न केवल भारतीय क्रिकेट बल्कि पूरे विश्व क्रिकेट को चौंका दिया। यह किसी सपने से कम नहीं था, लेकिन प्रनव ने इसे हकीकत में बदल दिया।

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रिकॉर्ड स्कोर और ऐतिहासिक जीत

Pranav Dhanawade

प्रनव धनवाड़े (Pranav Dhanawade) की इस विस्फोटक पारी के अलावा, आकाश सिंह ने 173 रन और सिद्धेश पाटिल ने 137 रन बनाए। इन शानदार पारियों की बदौलत केसी गांधी स्कूल ने मात्र 3 विकेट खोकर 1465 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह किसी भी स्तर के क्रिकेट में अब तक का सर्वोच्च टीम स्कोर है।

दूसरी पारी में आर्या गुरुकुल की टीम फिर से संघर्ष करती नजर आई और मात्र 52 रन पर ढेर हो गई। इसके साथ ही केसी गांधी स्कूल ने यह मुकाबला 1 पारी और 1382 रन से जीत लिया, जो क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी जीतों में से एक बन गई।

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Pranav Dhanawade: जुनून और मेहनत का प्रतीक

इस ऐतिहासिक पारी के बाद प्रनव धनवाड़े (Pranav Dhanawade) को पूरे क्रिकेट जगत से सराहना मिली। बीसीसीआई और कई पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों ने उनकी इस उपलब्धि को अभूतपूर्व बताया। इस पारी ने साबित कर दिया कि क्रिकेट में कुछ भी संभव है—बस जरूरत है कड़ी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास की।

प्रनव धनवाड़े (Pranav Dhanawade) का यह रिकॉर्ड आने वाले वर्षों में युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। क्रिकेट में नए रिकॉर्ड बनते और टूटते रहते हैं, लेकिन 1009 रनों की यह पारी इतिहास के पन्नों में हमेशा अमर रहेगी।