Actress Vimi: बॉलीवुड में हर कोई अपनी किस्मत आजमाने के लिए फर्श से अर्श तक का सफर तय करता है। आज हम आपको एक ऐसी ही एक्ट्रेस के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने अपने करियर की शुरुआत में सक्सेस देखी और फिर दुख, दर्द और डिप्रेशन झेला। हम बात कर रहे हैं एक्ट्रेस विमी (Actress Vimi) की जिसने शादी के बाद बॉलीवुड में अपना डेब्यू किया और कम ही समय में लोगों को अपना दीवाना बना दिया। लेकिन एक्ट्रेस ने बहुत कम उम्र में ही दुनिया को अलविदा कह दिया।
इस फिल्म से मिली थी Actress Vimi को पहचान

एक्ट्रेस विमी (Actress Vimi) का जन्म 1943 में पंजाब के जालंधर में हुआ था। लेकिन 1977 में ही उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। बता दें कि 1960 से 1970 के दशक में फिल्मी पर्दे पर राज करने वाली एक्ट्रेस अपनी पहली ही फिल्म से स्टार बन गई थी। उनकी खूबसूरती का हर कोई कायल हो जाता था। विमी ने बी.आर.चोपड़ा की फिल्म हमराज से फिल्मी दुनिया में कदम रखा था। इस क्राइम सस्पेंस से भरी फिल्म में सुनील दत्त, राज कुमार, मुमताज और बलराज साहनी लीड रोल में थे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई और एक्ट्रेस की किस्मत खुल गई। जिसके बाद उन्होंने पतंगा, वचन और आबरू, नानक नाम जहाज जैसी फिल्मों में काम किया। लेकिन उनकी ज्यादातर फिल्में फ्लॉप रहीं।
शराब पीने के साथ प्रोस्टीट्यूट बन गई थी Actress Vimi

बता दें कि फिल्मों में आने से पहले एक्ट्रेस विमी (Actress Vimi) शादीशुदा थीं। फिल्मों में आने के बाद उनके पति से तलाक हो गया जिसके बाद उनका नाम प्रोड्यूसर जॉली संग जोड़ा गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक जॉली की वजह से उनकी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ दोनों बर्बाद हो गई। पति से अलग होने के बाद वह पहले से ही डिप्रेशन में थी बाद में जॉली की संगत में शराबी बन गई और कब वेश्यावृत्ति के रास्ते पर चल पड़ी पता ही नहीं चला। खबरों के मुताबिक विमी के करीबी दोस्त कृष्णा ने उनके प्रॉस्टीट्यूशन का हिस्सा वाली बात को स्वीकार किया था। उन्होंने बताया था कि जॉली से मिलने के बाद वह अलग-अलग होटल में जाने लगी थीं और प्रॉस्टीट्यूशन का हिस्सा बन गई थीं, जॉली उन्हें मजबूर करने लगा था।
Actress Vimi की लाश कंधा तक नहीं हुआ था नसीब

बता दें कि एक्ट्रेस विमी (Actress Vimi) की मौत ज्यादा शराब पीने की वजह से हुई थी। 33 साल की विमी का लीवर खराब हो चुका था। उनके पास अपने इलाज तक के लिए पैसे नहीं थे। जिंदगी के आखिरी दिनों में वह मुंबई ने नानावटी अस्पताल के जनरल वार्ड में भर्ती रहीं। जहां 22 अगस्त 1977 को उनकी मौत हो गई। उनके निधन के बाद अस्पताल में ना उनका पति था और ना ही बच्चे, ना कोई दोस्त और ना कोई करीबी। उन्हें कंधा देने वाला भी कोई नहीं था। कहा जाता है जिसने उनकी जिंदगी तबाह की उसी जॉली ने एक चायवाले के ठेले में रखकर उनकी डेडबॉडी को श्मशान घाट पहुंचाया था।
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