डॉ. सुधीर गुप्ता ने बदला अपना बयान सुशांत की मौत का खोला राज
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एम्स के डॉक्टर सुधीर गुप्ता ने बदला अपना बयान, सुशांत की मौत का खोला राज

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के मौत के मामले की गुत्थी अब तक नहीं सुलझ पायी है। इस मामले की जांच सीबीआई जांच कर रही है। हाल ही में एम्स ने

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के मौत के मामले की गुत्थी अब तक नहीं सुलझ पायी है। इस मामले की जांच सीबीआई जांच कर रही है। हाल ही में एम्स ने भी सीबीआई को रिपोर्ट सौप दी है। जिसमे बताया कि सुशांत की मौत हत्या नहीं आत्महत्या है। अब सीबीआई आत्महत्या के एंगल से जांच करेंगी। वहीं एक टीवी चैनल ने सोमवार को बड़ा खुलासा किया है जो सुशांत केस में एम्स के फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ सुधीर गुप्ता के यू-टर्न को खुलासा करता है।

सूत्रों ने बताया है कि डॉ. सुधीर गुप्ता को अपने बदलते बयानों पर स्पष्टीकरण देने के लिए स्वास्थ्य मामलों की संसदीय पैनल द्वारा बुलाया जा सकता है। इससे पहले भी बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने एक चैनल द्वारा डॉ. सुधीर गुप्ता को खुलासा करने के बाद कहा था कि उन्होंने संसद में इस मामले को उठाया है।

ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा- ‘इशकरण भंडारी कुछ दिन से डॉ. गुप्ता के बयान बदलने पर काम कर रहे थे। वो जल्द ही मीडिया से बात करेंगे। अब सीबीआई को वो करना चाहिए जो अनिवार्य है,हत्या की धारा 302 के तहत अतिरिक्त एफ़आईआर दर्ज करनी चाहिए। कल मैंने संसद में स्वास्थ्य मामलों की स्थायी समिति के सदस्य के रूप में जांच करने का अनुरोध किया है।’

 

डॉ. सुधीर गुप्ता से न्यूज़ चैनल ने की थी बातचीत

22 अगस्त को डॉ. गुप्ता से न्यूज़ चैनल ने प्रकाश सिंह से एक्सक्लूसिव बात की थी। उस समय उन्होंने ‘मुंबई के कूपर अस्पताल की ‘ऑटोप्सी रिपोर्ट में बहुत सी खामियों’ को लेकर सवाल उठाए थे। फ़िलहाल अब सुशांत मामले में उनकी ‘कथित सुसाइड थ्योरी’ सामने आने से लोगों ने उनके ऊपर ही सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

सुधीर उस फॉरेंसिक डॉक्टरों की छह सदस्यीय टीम के हेड हैं जो सीबीआई को अपनी समग्र चिकित्सा-कानूनी राय देने के लिए गठित हुई है। पिछले दो दिनों में कई मीडिया रिपोर्ट्स में डॉ. सुधीर गुप्ता के हवाले से कहा गया है कि ‘अभिनेता ने सुसाइड किया था और हत्या के एंगल को खारिज कर दिया गया है।’ फिलहाल अभी तक एम्स या सीबीआई की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।

एक न्यूज़ चैनल से डॉक्टर सुधीर गुप्ता ने कहा था कि ‘क्राइम सीन को सील नहीं किया गया, सबूतों से छेड़छाड़ हुई थी।’ उन्होंने 22 अगस्त के इंटरव्यू में आगे सवाल किया कि ऑटोप्सी में जल्दी क्यों हुई, वीडियोग्राफी हुई है कि नहीं हुई है? यहां तक कि क्राइम सीन के सबूत नष्ट हो गए।’ आगे उन्होंने कहा कि ‘AIIMS बोर्ड आश्चर्यचकित है कि क्राइम सीन इतना सुरक्षित नहीं था कि वो आगे कि फॉरेंसिक सबूत के लिए उपयुक्त हो सके।’

रिपोर्ट्स के अनुसार न्यूज़ चैनल के पास डॉ. सुधीर गुप्ता के साथ 11 अगस्त की व्हाट्सएप चैट भी हैं जिसमें उन्होंने फोरेंसिक पर सवाल उठाए थे। उन्होंने सवाल उठाये कि “कूपर के पांच डॉक्टरों के पैनल ने ऑटोप्सी की सिर्फ एक जूनियर स्तर के फोरेंसिक डॉक्टर हैं बाकी 4 चिकित्सा अधिकारी हैं।