फूड ट्रक

मजबूरी एक इंसान से वो भी काम करवाती है, जिसके बारे में कभी सोचा ही न हो और ऐसा एक ही एक वाकया शिल्पा नामक एक महिला के साथ हुआ, जब उसे अपना घर चलाने के लिए एक फूड ट्रक चलाना पड़ा, जिसे हम आम भाषा में चलता फिरता रेस्टोरेंट भी कहते हैं. जाहिर सी बात है ऐसा काम उन्हें मजबूरी में ही करना पड़ा होगा. ऐसा माना जाता है कि शिल्पा के पति काफी समय से लापता हैं.

उन्हें काफी ढुंढा गया, लेकिन कहीं कुछ पता नही चला तो ऐसे में उनके लिए अकेले अपना घर चला पाना बहुत मुश्किल हो रहा था. जिसके बाद शिल्पा ने कमाई के लिए बहुत काम किए, लेकिन उनकी तंगी में राहत नही आई. इसी मामले को आगे बढ़ाते हुए इस आर्टिकल में हम यही जानेंगे कि शिल्पा को फूड ट्रक का ख्याल कैसै आया था.

कैसे आया फूड ट्रक का ख्याल

पति ने छोड़ा तो शिल्पा ने घर चलाने के लिए खोला फूड ट्रक, आज एक दिन में 10 हजार रूपये होती है कमाई

इस बारे में शिल्पा (फूड ट्रक की मालिक) खूद बताती हैं कि उनके पति के लापता होने के बाद उनके घर का खर्च चलना मुश्किल हो रहा था और साथ ही वो अपने बेटे की फीस भी नहीं भर पा रही थीं.  इस हाल में उन्होंने किसी तरह खुद को संभाला और एक साइबर कैफे में नौकरी करने लगीं लेकिन वहां बात नहीं बनी तो शिल्पा ने  कॉस्मेटिक की दुकान में मार्केटिंग और सेल्समैन का भी काम किया और उस वक्त उन्हें हर महीने के 6,000 रुपये मिलते थे, लेकिन इतने में परिवार का गुजारा होना मुश्किल था. तो एक बार ऐसे ही उनके घर वाले उनके बनाए खाने की काफी तारीफ करने लगे तब शिल्पा का ध्यान खाने का बिजनेस शुरू करने की ओर गया. उन्होंने अपने छोटे भाई से बात की और अच्छा खाना उपलब्ध कराने का बिजनेस शुरू किया.

पति ने छोड़ा तो शिल्पा ने घर चलाने के लिए खोला फूड ट्रक, आज एक दिन में 10 हजार रूपये होती है कमाई

उन्होंने अपनी सेविंग के 1 लाख रुपये निकाले और उन्होंने बोलेरो का एक नया पिकअप लिया और उसी पर खाना बनाने लगीं, हालांकि इस पर उन्हें काफी कुछ सुनना पड़ा इस काम के लिए उनकी आलोचना की गई क्योंकि लोगों को लगता था कि इतने पैसे लगाकर ये बिजनेस शुरू करना सही नहीं है और इसमें रिस्क भी ज्यादा है, लेकिन शिल्पा ने किसी की परवाह नहीं की और अपनी मेहनत के दम पर अपने फैसले को सही साबित किया. धीरे-धीरे उनका बिजनेस बढ़ता गया और एक दिन ऐसा भी आया जब उनका रोज का टर्नओवर 10,000 रुपये तक पहुंच गया.

आज उनका पूरा परिवार उनकी मदद करता है, शिल्पा का भाई पहले सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था, लेकिन अब वह पूरी तरह से शिल्पा के साथ काम करता है. उनके माता-पिता सब्जी और बाकी सामान खरीदकर लाते हैं. फूड ट्रक का ये बिजनेस भले ही अच्छा चल गया हो, लेकिन शिल्पा ने अपने पति को खोजने की उम्मीद नहीं छोड़ी है शिल्पा कहती हैं “मुझे लगता है कि कभी तो मेरे पति लौटकर वापस आएंगे”

शिल्पा अब अपना दूसरा फूड ट्रक भी खोलने का विचार कर रही हैं, जिससे कि उन्हें और आमदनी हो सके.