भारी गिरावट के बाद महंगा हुआ सोना, आज सस्ता गोल्ड खरीदने का अंतिम मौका
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GOLD PRICE : भारी गिरावट के बाद आज फिर महंगा हुआ सोना, आज सस्ता गोल्ड खरीदने का अंतिम मौका

सोने के भाव को लेकर आये दिन बाजार में उछाल और गिरावट देखने को मिल रही है। वही बुधवार को भारी गिरावट के बाद 50,821 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद होने वाला

सोने के भाव को लेकर आये दिन बाजार में उछाल और गिरावट देखने को मिल रही है। वही बुधवार को भारी गिरावट के बाद 50,821 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद होने वाला सोना आज हल्की – फुल्की बढ़त के साथ खुला है। बुधवार को वायदा बाजार में सोना 230 रुपये से अधिक और सर्राफा बाजार में सोना 600 रुपये से भी अधिक गिरावट हुई थी । गुरूवार को सोना143 रुपये बढ़कर 50,964 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला। फिलहाल शुरू में कारोबार में सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में ही सोने ने 50,851 रुपये का न्यूनतम स्तर भी छू लिया।

सोना कमजोर हाजिर मांगकी वजह से कारोबारियों ने अपने सौदों की कटान की जिससे वायदा बाजार में बुधवार को सोना 0.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ 51,270 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में अक्टूबर महीने में डिलीवरी सोना अनुबंध की कीमत 232 रुपये यानी 0.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ 51,270 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। इसमें 14,498 लॉट के लिये कारोबार हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार, न्यूयॉर्क में सोना 0.51 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,968.90 डॉलर प्रति औंस हो गया।

614 रुपये से भी अधिक फिसला था सोना

दिल्ली सर्राफा बाजार में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नरमी के कारण सोना 614 रुपये टूटकर 52,314 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसकी जानकारी एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने दी। पिछले साल में सोना 52,928 रुपये प्रति 10 ग्राम था। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक तपन पटेल ने कहा, ‘‘दिल्ली में 24 कैरेट के सोने की कीमत में 614 रुपये की कमी आयी।’’ अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1,963 डॉलर प्रति औंस था। उनका कहना है कि,‘‘अमेरिका और चीन में विनिर्माण गतिविधियों में सुधार दिखने के बाद सोना ने पिछले लाभ को गंवा दिया।’’ रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक श्रीराम अय्यर ने कहा, ‘‘ विदेशी बाजारों के रुख को देखते हुए घरेलू कीमतों में कल दोपहर सुधार हुआ।’’

कोरोना महामारी और भू-राजनीतिक संइस कट के बीच सोना एक बार फिर रिकॉर्ड बना रहा है और अन्य संपत्तियों की तुलना में निवेशकों के लिए निवेश का अच्छा विकल्प साबित हुआ है। संकट की परिस्थितियों में काम आने वाली संपत्ति है सोना। इस कठिन वैश्विक परिस्थितियों में यह धारणा एक बार फिर सही साबित हो रही है। विश्लेषकों काअनुमान है कि उतार-चढ़ाव के बीच सोना अभी कम से कम एक-डेढ़ साल तक ऊंचे स्तर पर बना रहेगा। दिल्ली बुलियन एंड ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल गोयल का भी यही अनुमान है कि कम एक साल तक सोना उच्चस्तर पर ही रहेगा। आगे उनका कहना है कि संकट के इस समय सोना निवेशकों के लिए फिर ‘वरदान’ साबित हुआ है। गोयल मानते हैं कि दिवाली के आसपास सोने में 10 से 15 प्रतिशत तक का उछाल आ सकता है।

कोरोना काल में बढ़ी है सोने की चमक

मुसीबत की घड़ी में सोने की चमक हमेशा ही बढ़ी है। साल 1979 में कई युद्ध हुए और उस साल सोना करीब 120 फीसदी उछला था। हाल ही में 2014 में सीरिया पर अमेरिका का खतरा मंडरा रहा था तो भी सोने के दाम आसमान छूने लगे थे। फ़िलहाल बाद में यह अपने पुराने स्तर पर आ गया। जब ईरान से अमेरिका का तनाव बढ़ा या फिर जब चीन-अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर की परिस्थितिया बनी, तब भी सोने का भाव बढ़ा।

देश का सोने का आयात चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जुलाई की अवधि में 81.22 प्रतिशत घटकर 2.47 अरब डॉलर या 18,590 करोड़ रुपये रह गया। सोने का आयात देश के चालू खाते के घाटे को प्रभावित करता है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार कोरोना महामारी के बीच सोने की मांग में काफी कमी आई है, जिससे आयात घटा है। पिछले वित्त वर्ष 2019-20 की समान अवधि में सोने का आयात 13.16 अरब डॉलर या 91,440 करोड़ रुपये रहा था। वही चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में चांदी का आयात भी 56.5 प्रतिशत घटकर 68.53 करोड़ डॉलर या 5,185 करोड़ रुपये रह गया। सोने और चांदी के आयात में कमी से देश के व्यापार घाटे को कम करने में मदद मिली है।