मिज़ोरम की 4 साल की बच्‍ची ने गाया 'वंदे मातरम', मोदी समेत...
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मिज़ोरम की 4 साल की बच्‍ची ने गाया ‘वंदे मातरम’, प्रधानमंत्री मोदी समेत पूरा देश हुआ फैन

प्रत्येक भारतवासी चाहे बच्‍चे हों या बड़े, हर वर्ग के मन में दिल से देश के प्रति प्रेम और समर्पण की भावना दिलो दिमाग में बसी हुई है। वही इस समय सोशल मीडिया पर मिज़ोरम

प्रत्येक भारतवासी चाहे बच्‍चे हों या बड़े, हर वर्ग के मन में दिल से देश के प्रति प्रेम और समर्पण की भावना दिलो दिमाग में बसी हुई है। वही इस समय सोशल मीडिया पर मिज़ोरम की एक 4 साल की बच्‍ची का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में यह बच्‍ची राष्ट्रिय गीत ‘वंदे मातरम’ गा रही है। यह वीडियो मिजोरम के मुख्‍यमंत्री ने शेयर किया। फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस वीडियो को शेयर किया।

वीडियो शेयर करते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा

मिज़ोरम की 4 साल की बच्‍ची ने गाया 'वंदे मातरम', प्रधानमंत्री मोदी समेत पूरा देश हुआ फैन

यहीं नहीं पीएम मोदी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘प्‍यारा और प्रशंसनीय, इस प्रस्‍तुतिकरण के लिए एस्‍थर नाम्‍ते पर गर्व है.’ वही सोशल मीडिया पर इस वीडियो को मिजोरम के मुख्यमंत्री ज़ोरामथांगा ने डाली थी। बच्ची ने जिस अंदाज़ और ख़ूबसूरती से वन्दे मातरम गाया, वो हर किसी को पसंद आ रहा है। बच्ची का नाम एस्थर नामटे है और मिज़ोरम के लुंगलेई की रहने वाली है। इस वीडियो को अभी तक 5 लाख से ज़्यादा लोग देख चुके हैं और लोग अपनी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है।

2.5 लाख से ज़्यादा मिले व्यूज़

मिज़ोरम की 4 साल की बच्‍ची ने गाया 'वंदे मातरम', प्रधानमंत्री मोदी समेत पूरा देश हुआ फैन

रिपोर्ट के मुताबिक एस्थर का ख़ुद का यूट्यूब चैनल है और पेज पर 60 हज़ार से ज़्यादा सब्सक्राइबर्स हैं। म्युज़िक डायरेक्टर और कंपोज़र ऐ.आर.रहमान का कम्पोज़ किया हुआ वन्दे मातरम का ये वर्ज़न सभी का लोकप्रिय रहा है और एस्थर की आवाज़ में ये और भी लोकप्रिय हो गया। एस्थर के यूट्यूब चैनल पर इस वीडियो को अब तक 2.5 लाख से ज़्यादा व्यूज़ मिल चुके हैं। एस्थर ने अपने राज्य मिज़ोरम के ख़ूबसूरत हिस्सों को दिखाने की कोशिश की है। ख़ुद बच्ची ने पारम्परिक मिज़ो स्कर्ट और ब्लाउज़ पहना है। यूट्यूब पर वीडियो के डिस्क्रिप्शन में लिखा है, “प्यारे भाइयों और बहनों. ये हमारी खुशकिस्मती है कि हम इस ख़ूबसूरत देश का हिस्सा है। ये भूमि प्रेम, सद्भावना की भूमि है। यहां कई संस्कृतियों, भाषाओं का संगम होता है”