Petrol diesel come under GST: देश के अलग अलग राज्यों में पेट्रोल और डीजल की अलग अलग कीमतें होने के कारण ईंधन के दामों को लेकर हमेशा से ही कनफ्यूजन बनी रहती है। कहीं फ्यूल के दाम 100 के पार पहुंच जाते हैं तो कहीं 90 के आसपास। लेकिन अब लगता है कि पूरे देश में पेट्रोल और डीजल के एक ही दाम देखने को मिलने वाले हैं। जी हां, शनिवार को जीएसटी परिषद की बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये साफ कर दिया है कि केंद्र सरकार चाहती है कि पेट्रोल और डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाया जाए।
वित्त मंत्री ने किया बड़ा ऐलान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शनिवार को 53वीं जीएसटी परिषद की बैठक में शामिल हुई थी। इस बैठक में पेट्रोल और डीजल के दामों से जुड़े एक सवाल पर निर्मला सीतारमण ने केंद्र सरकार की मंशा को साफ जाहिर करते हुए बता दिया है कि केंद्र सरकार चाहती है कि पेट्रोल और डीजल (Petrol diesel come under GST) को भी जीएसटी के दायरे में लाया जाए। ताकि अलग अलग राज्यों द्वारा वसूले जा रहे अलग अलग वैट के कारण ईंधन के दामों में अंतर ना आए। बता दें कि अभी केंद्र सरकार ईंधन पर उत्पाद शुल्क लगाती है और अलग अलग राज्य सरकारें अपने हिसाब से वैट वसूलती हैं, जिस कारण आपको देश के हर कोने में ईंधन के दामों में अतंर मिलता है।
राज्यों को मिलकर तय करने होंगे दाम
एक जुलाई 2017 को जब पूरे देश में जीएसटी (Petrol diesel come under GST) को लागू किया गया था तो कई केंद्रीय और राज्य करों को इसमें शामिल किया गया था। लेकिन कच्चे तेल, गैस, पेट्रोल-डीजल और एटीएफ को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया था। लेकिन उसी समय ये भी कहा गया था कि भविष्य में इन सभी चीजों को भी जीएसटी के दायरे में लाया जाएगा।
शनिवार को इसी मुद्दे पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा की “पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए उन्हें जीएसटी में किसी तरह के संसोधन की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ऐसा करने के लिए पहले से ही एक खाका तैयार कर रखा था। अभी तो बस जरूरत है कि सभी राज्य इस मुद्दे पर एक साथ आएं और एक कर पर सहमत हों, जिसके बाद हम इसे लागू कर सकें”।
अगली बैठक में साफ होगी तस्वीर
‘एक देश एक चुनाव’ के बाद अब ‘एक देश एक दाम’ की नीति पर चलते हुए केंद्र सरकार ने अपनी मंशा साफ करदी है कि धीरे धीरे जीएसटी की दायरे को बढ़ाए जाएगा और इसमें अभी तक जिन चीजों को शामिल नहीं किया गया था अब उन्हें भी शामिल (Petrol diesel come under GST) किया जाएगा। शनिवार को पेट्रोल और डीजल को जीएसटी (Petrol diesel come under GST) के दायरे में लाने की मंशा जाहिर करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा की राज्यों को केंद्र सरकार के साथ मिलकर फ्यूल पर जीएसटी की दरों तो कर करने की जरूरत है।
आपको बता दें कि जीएटी काउंसिल की अगली बैठक अब करीब दो महीनें बाद यानी की अगस्त में आयोजित होगी और इसी बैठक में ही ये साफ होगा की क्या सभी सरकारें पेट्रोल डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए सहमत हुई हैं या नहीं। वहीं इस मुद्दे पर वित्त मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने के लिए मंत्रियों का एक समूह यानी की जीओएम बनाया गया है जो की अगस्त में ही जीएसटी काउंसिल को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
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