Radhika Gupta Became An Ias Officer By Studying On Her Own

IAS Officer : यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल होना आसान नहीं है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा की तैयारी करते हैं। जिनमें से कुछ ही अपने सपने पूरे कर पाते हैं। यूपीएससी परीक्षा भारत की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है। इन परीक्षाओं ने भारत में कई लोगों को अपना सपना पूरा कर आईएएस ऑफिसर (IAS Officer) बनाया है।

जिन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और समर्पण से सफलता की राह दिखाई है। ऐसी ही एक शख्सियत हैं जिसने अपनी कई मुश्किलों का सामना करके और अपना लक्ष्य हासिल करके कई लोगों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

IAS Officer राधिका गुप्ता जिसने पास की UPSC एग्जाम

Ias Officer

हम बात कर रहे हैं आईएएस अधिकारी (IAS Officer) राधिका गुप्ता की जिनका सफर उम्मीदवारों के लिए प्रेरणा बन गया है। 2020 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाली गुप्ता मध्य प्रदेश के वंचित इलाके से आती हैं और उन्होंने अपने गांव में दूसरों के लिए एक मिसाल कायम की है। वह अलीराजपुर जिले से आती हैं जिसकी भारत में सबसे कम साक्षरता दर है।

पहली बार में पाई थी रेलवे में नौकरी

Ias Officer

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित ‘सफलता मंत्र’ कार्यक्रम के दौरान सिविल सेवा परीक्षा में 18वीं रैंक हासिल करने वाली राधिका ने बताया कि पहले प्रयास में रैंक कम होने के कारण उन्हें भारतीय रेलवे में नौकरी मिल गई थी। हालांकि, उनका हमेशा से सपना आईएएस अधिकारी (IAS Officer) बनने का था।

अपने लक्ष्य को पाने के लिए दृढ़ संकल्पित होकर उन्होंने नौकरी करते हुए पढ़ाई जारी रखी और आखिरकार 2020 की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की।

दूसरी बार में राधिका ने पाई 18वीं रैंक

Ias Officer

मध्य प्रदेश के अलीराजपुर की रहने वाली आईएएस ऑफिसर (IAS Officer) राधिका गुप्ता ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2020 में 18वीं रैंक हासिल की है। 24 वर्षीय राधिका ने बताया कि पिछले 2 सालों में की गई मैराथन मेहनत और 360 डिग्री पढ़ाई के प्रति समर्पण ने मेरी जिंदगी बदल दी।

राधिका ने बताया कि उन्होंने 2018 से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। दूसरे प्रयास में ही सफलता मिल गई। सफलता पाने के लिए लंबे समय तक कई चीजों का त्याग करना पड़ा।

सबसे कम साक्षरता वाले जिले की रहने वाली राधिका

Ias Officer

यूपीएससी की तैयारी करना मुश्किल था लेकिन मुझे पता था कि यह मेरी जिंदगी बदल देगा और आज मुझे एहसास हो रहा है कि यह तैयारी और उपलब्धि मेरे लिए क्या मायने रखती है। इंजीनियरिंग में स्नातक करने वाली आईएएस ऑफिसर (IAS Officer) राधिका कहती हैं कि वह ऐसे जिले से आती हैं, जहां साक्षरता दर करीब 36.10 प्रतिशत है।

वह कहती हैं कि मेरे लिए यह प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत भी है। यहां रहने के बाद ही मुझे समझ आया कि शिक्षा किसी के भी जीवन में कितनी बड़ी भूमिका निभाती है, इसलिए मैंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की।

यह भी पढ़ें : कोलकाता नाइट राइडर्स की जीत से गदगद हुए कप्तान अजिंक्य रहाणे, इस खिलाड़ी को दिया जीत का पूरा श्रेय