जन्माष्टमी पर करें इन मंत्रो का जाप, पूरी होगी सभी इच्छा
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जन्माष्टमी पर करें इन मंत्रो का जाप, पूरी होगी सभी इच्छा, जाने पूजा विधि

भगवान विष्णु के स्वरुप श्रीकृष्णा को जाने कितने नामो से पुकारा गया ,गोपाल, घनश्याम, बाल मुकुन्द, गोपी मनोहर, श्याम, गोविंद

भगवान विष्णु के स्वरुप श्रीकृष्णा को जाने कितने नामो से पुकारा गया ,गोपाल, घनश्याम, बाल मुकुन्द, गोपी मनोहर, श्याम, गोविंद, मुरारी, मुरलीधर, मनमोहन, केशव, श्याम, गोपाल माखन चोर। उनका हर रूप भक्तो को मंत्रमुग्ध कर देता है। वहीं इसी मौके पर इनकी पूजा की विधि भी उनकी तरह ही निराली है। इस साल अष्टमी तिथि 11 और 12 अगस्त दो दिन तक रहेगी। जन्माष्टमी के पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बनेगे। इस तरह फलदायी होगी भगवान श्री कृष्ण की पूजा –

पूजा विधि –

  • चौकी पर लाल कपड़ा बिछा लीजिए।
  • भगवान कृष्ण की मूर्ति चौकी पर एक पात्र में रखिए।
  • अब दीपक जलाएं और साथ ही धूपबत्ती भी जला लीजिए।
  • भगवान कृष्ण से प्रार्थना करें कि ‘हे भगवान कृष्ण ! कृपया पधारिए और पूजा ग्रहण कीजिए।
  • श्री कृष्ण को पहले पंचामृत से फिर गंगाजल से स्नान कराएं, इसके बाद अब श्री कृष्ण को वस्त्र पहनाएं और श्रृंगार कीजिए।
  • भगवान कृष्ण को दीप दिखाएं. इसके बाद धूप दिखाएं. फिर अष्टगंध चन्दन या रोली का तिलक लगाएं और साथ ही अक्षत (चावल) भी तिलक पर लगाएं.
  • माखन मिश्री और अन्य भोग सामग्री का अर्पण कीजिए और विशेष रूप से तुलसी का पत्ता अर्पण कीजिए और साथ ही पीने के लिए गंगाजल रखें।

 

हाथ में फूल लेकर श्रीकृष्ण का ध्यान कर करें शुद्धि मंत्र उच्चारण :

ओम अपवित्रः पवित्रोवा सर्वावस्थां गतोअपि वा। यः स्मरेत पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः।। जल को स्वयं पर और पूजन सामग्री पर छींटे लगाकर पवित्र करें। वसुदेव सुतं देव कंस चाणूर मर्दनम्। देवकी परमानंदं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्।। हे वसुदेव के पुत्र कंस और चाणूर का अंत करने वाले, देवकी को आनंदित करने वाले और जगत में पूजनीय आपको नमस्कार है।

आसन मंत्र का करे उच्चारण : अर्घा में जल लेकर बोलें- रम्यं सुशोभनं दिव्यं सर्वासौख्यकरं शुभम्। आसनं च मया दत्तं गृहाण परमेश्वर।। जल छोड़ें।

स्नान मंत्र का करें उच्चारण : अर्घा में जल लेकर बोलें- गंगा, सरस्वती, रेवा, पयोष्णी, नर्मदाजलैः। स्नापितोअसि मया देव तथा शांति कुरुष्व मे।। जल छोड़ें।

श्रीकृष्ण को वस्त्र अर्पित करने का मंत्र : हाथ में पीले वस्त्र लेकर यह मंत्र बोलें- शीतवातोष्णसन्त्राणं लज्जाया रक्षणं परम्। देहालअंगकरणं वस्त्रमतः शान्तिं प्रयच्छ मे। फिर भगवान को वस्त्र अर्पित करें।

 

 

5 चीज़ों का लगाए भोग –

भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप को लड्डू गोपाल कहा जाता है। जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल को इन 5 पंसदीदा चीजों का भोग जरूर लगाना चाहिए।
1. माखन
लड्डू गोपाल को माखन बहुत ही पसंद था और उन्हें माखन चोर भी कहा जाता था। ऐसे में जन्माष्टमी के मौके पर आपको लड्डू गोपाल को घर पर बने मक्खन मिश्री का भोग जरूर लगाना चाहिए।
2. आटे की पंजीरी
जन्माष्टमी के आप लड्डू गोपाल को आटे की पंजीरी का भी भोग लगा सकते हैं। आटे की पंजीरी भी उन्हें काफी पसंद थी।
3. मखाना पाग
श्रीकृष्ण जन्मोत्वसव के मौके पर लड्डू गोपाल को मखाना पाग का भोग अवश्य ही लगाएं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उन्हें मखाना पाग काफी पसंद थे।
4. पंचामृत
पंचामृत बनाने के लिए आपको घी, बतासे, दूध, शहद, गंगाजल औ तुलसी की आवश्यकता होगी। जन्माष्टमी के मौके पर पंचामृत का विशेष महत्व है। लड्डू गोपाल के जन्मदिन पर पंचामृत से उनका अभिषेक किया जाता है।
5. मखाने की खीर
मखाना पाग की तरह लड्डू गोपाल को मखाने की खीर भी बहुत ही पसंद थी । मखाने की खीर बनाने के लिए आपको काजू, बादाम, घी और मखानों की आवश्यकता होगी।