विकास दुबे का एनकाउंटर से पहले का ऑडियो वायरल, मौत से पहले..
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विकास दुबे का एनकाउंटर से पहले का ऑडियो वायरल, मौत से पहले खोलना चाहता था अहम राज…

कानपुर कांड के गैंगस्टर विकास दुबे का एक फोन का ऑडियो टेप सामने आया है। जिसमें विकास दुबे अपने किसी परिचित से बात कर रहा है। ऑडियो में बिल्कुल साफ पता लग रहा है कि वो काफी डरा हुआ था। कॉल ऑडियो टेप में सुना गया कि वो किसी गुड्डन त्रिवेदी के बारे में बार-बार पूछ रहा था और खुद को सरेंडर करने की बात भी कह रहा था। आपको बताते हैं विकास दुबे की उसके परिचित से क्या बात हुई।

यहाँ देखें क्या हुई बातचीत

विकास दुबे- बाकी देखो सोमवार या मंगलवार को हाजरी होनी है कोर्ट में।

परिचित- चलो तो हाजिर हो जाएं और क्या ठीक रहेगा।

विकास दुबे- बस वही चारा है और तो कोई चारा नहीं।

परिचित- हाँ,कोई चारा नहीं है।

विकास दुबे- और तो कोई चारा है नहीं, इसमें पूरा सिस्टम लगा दिया गया है।

परिचित- हां।

विकास दुबे- अब दिक्कत ये है कि थोड़ा ये मुखबिरी वाला सिस्टम ना हो, खैर हो नहीं पाएगा, मतलब सिस्टम तो लगा है पूरा।

परिचित- अरे कुछ नहीं होगा यार, बच जाएगा।

इस कॉल ऑडियो में गैंगस्टर विकास दुबे साफ कह रहा था कि अब उसके पास सरेंडर करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा है। वो अपने परिचित से बात करते हुए काफी घबराया हुआ था। उसने ऑडियो में आगे ये भी कहा था कि उसने कोर्ट में सरेंडर करने का पूरा इंतजाम कर रखा है।

विकास दुबे- नहीं-नहीं कोई प्रॉब्लम नहीं है अभी भी, बस हाजरी हो जाए, देखो दिक्कत तो बहुत ज्यादा है ही, आने वाले समय में भी प्रॉब्लम होगी।

परिचित- हां, समझता हूं।

विकास दुबे- दिक्कत तो है ही।

परिचित- अच्छा तो हम बोल दें उसको, आप बात कर लेना।

विकास दुबे- सबसे बड़ी समस्या ये है कि गुड्डन से किसी तरह संपर्क हो, अब गुड्डन का नंबर तो लग नहीं रहा।

परिचित- हमारे पास एक नंबर और था। जो आपने भेजा था। उससे भी मिलाया हमने। दोनों नंबर बंद आ रहे हैं।

विकास दुबे- अच्छा-अच्छा! नहीं दूसरा वाला तो ऑफ ही है काफी दिनों से।

परिचित- अच्छा।

विकास दुबे- अब प्रॉब्लम ये है कि भई मेन कर्ता-धर्ता पूरा गुड्डन के हाथ में था सब। पूरी जानकारी सबकुछ। अब ये विनय तिवारी गए हैं। उनके हाथ में है या गुड्डन के हाथ में।

आपको बता दें विकास दुबे मामले में यूपी की जांच एजेंसियों के हाथ विकास दुबे और उसके परिचित की बातचीत का ये कॉल ऑडियो लगा है। इसमें विकास दुबे अपने साथी गुड्डन त्रिवेदी के बारे में पूछताछ कर रहा था। बातचीत में साफ समझ आ रहा है कि कानपुर के बिकरू कांड में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद विकास दुबे बहुत डरा हुआ था। वो खुद को कोर्ट में सरेंडर करने की बात कर रहा था और इसके लिए उसके साथी गुड्डन त्रिवेदी ने पूरी योजना बनाई थी ।

खड़े हो रहे हैं ये सवाल

अब मामला ये है कि इस कॉल ऑडियो के सामने आने पर काफी सवाल उठ रहे हैं कि क्या प्लान बनाकर विकास दुबे ने किया था सरेंडर? क्या कोर्ट तक पहुंचने का इंतजाम कर लिया था विकास दुबे ने? क्या अपनी जान बचाने की विकास ने की थी फुल प्रूफ प्लानिंग? मालूम हो 10 जुलाई की सुबह एसटीएफ ने क्रिमिनल विकास दुबे को एनकाउंटर में मार डाला था। लेकिन इस ऑडियो में उसकी प्लानिंग का खुलासा हुआ है, जो कि उसने अपनी मौत से बचने के लिए कर रखी थी।

विकास दुबे- बस मदद हो जाए थोड़ी।आप समझ रहे होंगे मैटर क्या है।

परिचित– हां-हां।

विकास दुबे- तो थोड़ा आप कह दो।

परिचित- लेकिन यार बात सुनो। हमारा मतलब हम बोले दे रहे हैं कि अगर आपको रहने की, जाने की दिक्कत हो तो बताएं।

विकास दुबे- सब मैनेज हो गया है। ग्वालियर हम पहुंच चुके हैं। सब पूरा फुल मैनेज हो चुका है। सोमवार-मंगलवार को हाजरी भी हो जाएगी कोर्ट में। आप समझ रहे हैं। सब कुछ हो जाएगा।

परिचित- चलो तो हम उनको बोल रहे हैं कि आप जो कहें….

गुड्डन त्रिवेदी के जिम्मे थी सारी जिम्मेदारी

कॉल ऑडियो में विकास दुबे अपने परिचित से दावा कर रहा है कि उसकी सारी प्लानिंग बन चुकी है। एक दो दिन में वो सरेंडर करने की बात कर रहा था। बता दें ये फोन कॉल उज्जैन में सरेंडर करने से दो दिन पहले यानी 8 जुलाई की थी। उस वक्त विकास दुबे, मध्य प्रदेश की सीमा में पहुंच चुका था। विकास बार-बार अपने परिचित से गुड्डन त्रिवेदी के बारे में पूछताछ कर रहा था, क्योंकि विकास ने गुड्डन त्रिवेदी को ही सरेंडर के सारे कागजात तैयार करवाने का जिम्मा दे रखा था।

विकास दुबे- गुड्डन से बात हुई आपकी?

परिचित- उस दिन से गुड्डन का नंबर ही नहीं लग रहा था।

विकास दुबे- जो नंबर हमने दिया वो लग रहा है?

परिचित- नहीं लग रहा है।

विकास दुबे- चलिए।

परिचित- गुड्डन का अभी कोई आइडिया नहीं लग रहा भइया।
विकास दुबे- नंबर तो ऑफ जा रहा है। हमने भी कोशिश की। नंबर तो लग नहीं रहा।

परिचित- चलो। आप हमारे लायक कोई मदद हो तो वो बताओ। हम करवा देंगे बस कुल मिलाकर इतना समझ लो। वो हमने सचिन को भी बोल दिया है कि अगर कोई मदद हो।

विकास दुबे- सचिन को?

परिचित- सचिन अवस्थी को किया था फोन।

विकास दुबे- अरे वो अवस्थी। वही है वो।

परिचित- हूं।

विकास दुबे- उसका नंबर मिला था औरैया से। आपके रिलेशन में है कोई।

परिचित- हां, मौसी के लड़के हैं।

विकास दुबे- शेखर की बहन का रिश्तेदार है।

परिचित- हूं – हूं.

विकास दुबे- तो बात हो जाए उससे फिर।

परिचित- तो आप हमारे लायक कोई काम बताओ। जो काम होगा हम कह देंगे। काम हो जाएगा तुम्हारा। बातचीत हो जाएगी।

विकास दुबे- आप कह दो कि हमारा फोन आया था। फिर आप जैसा कहोगे वैसा हो जाएगा।

परिचित- ठीक है।

आपको बता दें गुड्डन त्रिवेदी वही है, जो विकास दुबे का बेहद खास था। उसको भी मुंबई एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया था । विकास दुबे की सारी कानूनी रूप से मदद गुड्डन त्रिवेदी ही कर रहा था। इस कॉल ऑडियो से भी साफ हो गया है कि विकास दुबे ने उसे कोई बड़ा काम सौंप रखा था। विकास दुबे फोन कॉल में भी अपना अपराध कबूल कर रहा था।

विकास दुबे- गुड्डन से कॉन्टेक्ट कैसे हो। ये बताओ।

परिचित- गुड्डन त्रिवेदी से..?

विकास दुबे- हां, क्योंकि नंबर जा रहा है उनका ऑफ।

परिचित- हां, नंबर तो ऑफ है। अब भई छोटी मोटी घटना तो है नहीं।

विकास दुबे- नहीं भाई बहुत बड़ी घटना है। पूरा उत्तर प्रदेश देख रहा है। सब कोई सबकुछ समझ रहा है। अब दिक्कत ये है कि इनका कोई पता नहीं चल रहा है।

बता दें ये तब की कॉल ऑडियो है जब विकास दुबे के पीछे पूरी यूपी पुलिस लग गई थी। हत्यारा विकास दुबे जानता था कि उसकी प्लानिंग के बावजूद उसको खतरा है। उसे मुखबिरी का भी डर सता रहा था। वो मुखबिरी से इतना ज्यादा डरा हुआ था कि वो अपने इस परिचित को व्हाट्सएप से कॉल कर रहा था। यही नहीं उसने कॉल के दौरान अपनी आवाज बदलने की कोशिश भी की थी ।

 

 

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