जुड़वा बेटों की कोरोना से मौत पर बोले पिता &Quot;मुझे पता था दोनों साथ ठीक होंगे या दोनों ही लौटकर नहीं आयेंगे&Quot;

भारत में कोरोना की दूसरी लहर रोजाना कम होने की बजाय और बढ़ती जा रही है. इस वजह से कोरोना से मरने वाले लोगोंं की संख्या भी पर भी बड़ा असर देखने को मिल रहा है. कहीं बच्चे अपने माता-पिता को खो रहे हैं तो कहीं माता-पिता अपने बच्चो को, कुछ ऐसा ही एक मामला उत्तरप्रदेश के मेरठ से सामने आया है. जहां दो जुड़वा भाईयों की एक साथ कोरोना की वजह से मृत्यु हो गई.

मेरठ के छावनी क्षेत्र में हुई इस दुखद घटना को जो भी सुन रहा है वो सहम जा रहा है. जहां रेमंड नामक परिवार के दो जुड़वां बेटों एक साथ कोरोना के आगे हार गए जो कभी किसा ने सोचा तक नही था. इस आर्टिकल में हम इसी दुखद घटना पर विस्तार से नज़र डालने वाले हैं..

कोरोना ने छिनी दो भाईयों की जिंदगी

जुड़वा बेटों की कोरोना से मौत पर बोले पिता &Quot;मुझे पता था दोनों साथ ठीक होंगे या दोनों ही लौटकर नहीं आयेंगे&Quot;

मेरठ के छावनी क्षेत्र में एक ग्रेगरी रेमंड राफेल नामक परिवार रहता है. जिनके लिए बीते 2-4 दिनों में कुछ भी ठीक नही रहा. ऐसा बताया जा रहा है कि इस परिवार में दो जुड़वा जोफ्रेड वर्गीज ग्रेगरी और राल्फ्रेड जॉर्ज ग्रेगरी नाम के लड़के थे. जिनका पिछले ही महीने 23 अप्रैल को 24 वां जन्मदिन खूब खुशी के साथ परिवार वालों ने मनाया था. लेकिन ये दोनों भाई उसके अगले ही दिन यानी 24 अप्रैल को अचानक से बीमार पड़ गए और दुखद 13 और 14 मई को दोनों भाईयों ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. इस बात की जानकारी इन दोनों के पिता (रेमंड) ने देते हुए बताया कि

“मेरे दोनों बेटों को कोरोना वायरस हुआ था, और उन्हें इस बात से दिल के कोने में यह डर था कि अगर कहीं किसी एक को कुछ हो गया था वह दूसरे को क्या जवाब देंगे, वहीं एक दूसरा डर यह भी था कि पैदा होने से लेकर 24वें जन्मदिन तक उन्होंने कभी भी एक-दूसरे से अलग हटकर कुछ नहीं किया, तो इस बात को वो खूद जानते थे कि दोनों एक साथ ठीक होकर घर जाएंगे या फिर एक को कुछ हुआ तो दूसरा भी नहीं बचेगा.

इसके अलावा रेमंड ने बताया कि

“उनके जुड़वां बेटे जोफ्रेड वर्गीज ग्रेगरी और राल्फ्रेड जॉर्ज ग्रेगरी ने अपना 24वां जन्मदिन मनाया था. उन्होंने साथ में जन्म लेने के बाद हमेशा एक साथ हर काम किया, एक साथ सोते, खाते, खेलते, पढ़ाई और यहां तक कि दोनों ने कंप्यूटर इंजिनियरिंग भी साथ करके हैदराबाद में नौकरी भी एक साथ की, लेकिन उन्हें ये नही पता था कि दोनों एक साथ बीमार भी होंगे और एक साथ ही इस दुनिया से विदा भी होंगे.”

जुड़वा बेटों की कोरोना से मौत पर बोले पिता &Quot;मुझे पता था दोनों साथ ठीक होंगे या दोनों ही लौटकर नहीं आयेंगे&Quot;

वहीं इन बच्चो की मां ने बताया कि पहले जोफ्रेड की मौत हुई, जब इसकी खबर सोजा को हुई तो उसके मुंह से बस यही निकला कि अब राल्फ्रेड भी नहीं बचेगा, यही हुआ कुछ घंटों बाद राल्फ्रेड के मरने की खबर भी आई. वे हमें एक बेहतर जिंदगी देना चाहते थे. हम लोगों ने टिचिंग करके बच्चों को पाला-पोसा बहुत संघर्ष किया. दोनों हैदराबाद से कोरिया और फिर जर्मनी जाने की योजना बना रहे थे. मुझे नहीं पता कि भगवान ने हमें इस तरह सजा क्यों दी.