उत्तराखंड

उत्तराखंड के डीजीपी ने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो जानकारी दे रहे हैं कि, “श्रीनगर से आगे नदी का बहाव सामान्य हो गया है। देवप्रयाग और निचले इलाकों के लोगों के लिए अब खतरे की बात नही है”।

डीजीपी ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है

डीजीपी अशोक कुमार ने फेसबुक पर एक डाला है जिसमें वो उत्तराखंड के चमोली में हुए ग्लेशिहर टूटने से जुड़ी हुई जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने अपने वीडियो राहत की खबर देते हुए साफ किया है, कि “ये दुर्घटना 11 बजे के आसपास की है जब एक अभिलांच आया जिसने ऋषिगंगा पावर प्रोजेट को पूरी तरह से तोड़ दिया, और उसमें जो कर्मचारी काम कर रहे थे उसमें से ज्यादा लापता हैं।

आगे उन्होंने बताया है कि, “इसके अलावा तपोवंन भी एक एनटीपीसी पॉवर प्रोजेक्ट को नुकसान पहुचाया है, और वही मौजूद 150 के करीब कर्मचारी थे, किंतु उसमें से कुछ कर्मचारी टंनल में मौजूद थे जो फंस गये थे उन्हें बचाने के लिए उत्तराखंड के पुलिस विभाग और बचाव उन्हें बचाने का पूरा प्रयास कर रहा है।

पानी और मलवे को लेकर भी उन्होंने कहा कि, जो पानी और मलवा नीचे डाउन स्ट्रीम में आया, हमने उसको लेकर लोगों को पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था, और गंगा किनारे मौजूद पूरे इलाके को खाली करा दिया था, जिससे लोगों को पहले ही नुकसान बचाया जा सकें।

डीजीपी ने कहा कि, पानी श्रीनगर के डाम में जाने के बाद उसमें स्टेवल हो गया है, अब आगे किसी को कोई खतरा नहीं बचा है, उन्होंने कहा कि हरिद्धार, ऋषिकेश और देवप्रयाग और निचले इलाकों के लोगों के लिए अब खतरे की बात नहीं है। पुलिस राहत बचाव तेज़ी से कर रही है।

 उत्तराखंड में क्या-क्या हुआ है अभी तक

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सूचना के मुताबिक आईटीबीपी के राहत और बचाव दल ने तपोवन के पास एक सुरंग से 16 लोगों को ज़िंदा बचाया है। आईटीबीपी के मुताबिक इस अभियान में 250 जवानों की तीन टीमों को लगाया गया है। ग्लेशियर टूटने की वजह से आई बाढ़ में तवोपन पॉवर प्रोजेक्ट को भारी नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।

अभी तक मिली सूचना के मुताबिक उत्तराखंड के चमोली ज़िले में ग्लेशियर टूटने के बाद आई आपदा और इस दुर्घटना में तकरीबन 125 लोग लापता हैं और सात शव बरामद किए गए हैं।