भारत में आ गई कोरोनावायरस की दवा, कीमत 103 रुपये, DGCI ने दी मंजूरी

COVID-19 MEDICINE: भारत में आ गई कोरोनावायरस की दवा, कीमत 103 रुपये, DGCI ने दी मंजूरी

देश मे कोरोना संक्रमण की संख्या काफी तेजी से बढ़ती जा रही है। शनिवार को कोरोना के नए रिकॉर्ड 14516 संख्या सामने आए हैं, जो कि संक्रमण की संख्या बढ़ कर 395048 हो गयी है। भारत दुनिया में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित चौथा देश बन गया है। अमेरिका, ब्राजील और रुस ही 3 देश हैं, जो अब भारत के आगे हैं।

दुनिया का चौथा सबसे ज्यादा संक्रमित देश बना भारत

भारत मे करीब20 दिन में कोरोना के लगभग 2.5 लगभग नए मामले सामने आए हैं। अब तक दुनिया मे लगभग संक्रमितो की संख्या 87 लाख  हो गयी है। वहीं भारत में अब तक 12948 लोगो की मौत हो चुकी है। भारत मे लगभग 14 दिन में 2 लाख संख्या हो गई है। अमेरिका की बात करें तो कोरोना संक्रमण की संख्या लगभग 5 दिन में 4 लाख तथा ब्राज़ील में लगभग 13 दिन में पाया गया है। जब कि रूस में लगभग 2 लाख से 4 लाख 21 दिन में सामने आए थे। देश मे जिस तरह से कोरोना संक्रमित संख्या तेजी से बढ़ रही खतरनाक रूप ले सकता है।

भारत में आ गयी है कोरोना की दवा

एक तरफ जहां पूरा देश इस संक्रमण से जूझ रहा है और वैक्सीन बनाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं, वहीं भारत ने इस मामले में उपलब्धि हासिल कर ली है। भारत की ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स ने कोविड-19 से मामूली और मध्यम रूप से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए एंटीवायरल दवा फेविपिरविर को फैबिफ्लू ब्रांड नाम से पेश किया है।

DICI से मिली अनुमति

भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीजीसीआइ) से इस दवा के विनिर्माण और विपणन की अनुमति मिल गई है। कंपनी ने कहा कि

“फैबिफ्लू कोविड-19 के इलाज के लिए पहली खाने वाली फेविपिरविर दवा है, जिसे मंजूरी मिली है। यह दवा लगभग 103 रुपये प्रति टैबलेट की दर से बाजार में उपलब्ध होगी। “

ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स ने आगे अपने बयान में कहा कि

“यह दवा 34 टैबलेट की स्ट्रिप के लिए 3,500 रुपये के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर 200 मिलीग्राम टैबलेट के रूप में उपलब्ध होगी।”

 

 

 

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