Honest Cricketers: क्रिकेट की दुनिया में सचिन तेंदुलकर का नाम बेहद सम्मान और इज्जत के साथ लिया जाता है. जिन्होंने अपने खेल के साथ शराफत और ईमानदारी से लोगों का दिल जीता है. लेचिन सचिन के अलावा कई क्रिकेटर्स हैं, जिन्होंने अपने खेल के साथ अपनी ईमानदारी से क्रिकेट प्रेमियों के दिल में जगह बनाई है. चलिए तो आगे जानते हैं उन 3 खिलाड़ियों (Honest Cricketers) के बारे में, जिनका नाम आज भी प्यार से लिया जाता है……..
1.एडम गिलक्रिस्ट
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खतरनाक बल्लेबाजों में से एक एडम गिलक्रिस्ट (Honest Cricketers) ने अहम मुकाबले में ईमानदारी का नमूना पेश किया था. साल 2023 वर्ल्ड कप के का सेमीफाइनल श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जा रहा था. बड़ा टूर्नामेंट था, ऐसे में दोनों टीमें जीतने में कोई गलती नहीं करना चाहती थी. ऐसे में मैदान पर बल्लेबाजी करने गिलक्रिस्ट आते हैं. लेकिन उसी दौरान उनके बल्ले पर लग जाती है. दिलचस्प बात यह है कि अंपायर को सुनाई नहीं देता है. गेंदबाजों और फील्डर्स के हल्ला करने पर भी अंपायर उन्हें आउट नहीं देते हैं. लिहाजा, गिलक्रिट ने ऐसा नहीं किया, बल्कि उन्होंने बिना बहस के मैदान छोड़ दिया. क्योंकि उन्हें मालूम था कि गेंद बल्ले से लगी है.
2.हाशिम आमला
क्रिकेट की दुनिया में सबसे शरीफ और ईमानदार साउथ अफ्रीका के हाशिम आमला (Honest Cricketers) को कहा जाता है. उन्होंने ना सिर्फ अपनी बल्लेबाजी से लोगों का दिल जीता बल्कि अपनी पर्सनैलिटी से फैन बना लिया था. उन्होंने ना कभी मैदान पर किसी दूसरे को खिलाड़ी को स्लेज किया. ना ही कभी गाली गलौज की. शायद ही कोई क्रिकेटर होगा, जिसने हाशिम आमला के चेहरे पर गुस्सा देखा हो. कहा जाता है कि उन्होंने कभी किसी से ऊंची आवाज में बात तक नहीं की है. गौरतलब है कि हाशिम आमला ने कभी बीयर या शराब की ब्रांड जर्सी नहीं पहनी. बेशक से वह करोड़ों की ब्रांडिंग के लिए मशहूर हैं, लेकिन उन्होंने कभी अपने उसूलों को नहीं तोड़ा.
3.राहुल द्रविड़
आखिरी में टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर और कोच राहुल द्रविड़ हैं. उनका दूसरा नाम शराफत कहे तो गलत नहीं होगा. पूरी दुनिया द्रविड़ को दी वॉल के नाम से पहचानती है. अपने क्रिकेट करियर में राहुल द्रविड़ (Honest Cricketers) ने कभी किसी से लड़ाई नहीं की है. उनका एक ही खेल था तकनीक और क्लास, जिनकी मदद से वह विरोधी टीम के छक्के उड़ा देते थे. क्रीज पर द्रविड़ एक जेंटलमैन थे, उन्हें देखकर युवा खिलाड़ी सीख लेते हैं. कैसे कोई क्रिकेटर शांत व्यवहार के साथ हार को जीत में बदल सकता है.
