एक दिन की बारिश में बिगड़े दिल्ली के हालात, बह गए दस घर

एक दिन की बारिश में बिगड़े दिल्ली के हालात, नाले में बह गए दस घर

दिल्ली में बारिश का पानी भरने से मिंटो ब्रिज के पास एक 60 वर्षीय शख्स की मौत हो गई है। साज ही नाले में दस घर बह गए हैं।

नई दिल्ली: दिल्ली में बारिश के बाद जल-जमाव की समस्या हर साल की तरह ही इस साल भी शुरू हो गई है। एक दिन का ये बारिश का पानी लोगों के सिर पर आफत बनकर उनकी मुश्किलें बढ़ा रहा है। राजधानी में बारिश के साथ ही हादसे भी हुए हैं तो दिल दहल देने वाले हैं। साथ इस पूरे मसले के बाद एक बार‌ फिर सरकारों व जिम्मेदारों द्वारा की गई व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं।

बह गए दस घर

एक दिन की ये जबरदस्त बारिश दिल्ली के एक इलाक़े में नाले के पास बनी झुग्गी बस्ती के लोगों के लिए ये बारिश मुसीबत बन गई और यहां रहने वाले गरीबों के आशियाने नाले में बह गए। दरअसल नाले के पास जमीन कमजोर होने के चलते ये हादसा हुआ और इसमें 10 घर टूटकर उस नाले में ही बह गए ये एक बेहद खौफनाक मंजर था।

जिम्मेदारों पर उठे सवाल

दूसरी ओर दिल्ली के कनॉट प्लेस के पास बना मिंटो ब्रिज पानी के कारण भर गया ब्रिज के नीचे इतना ज्यादा था कि बस की छतों तक पानी पहुंचने लगा जिसमें डूबने से एक 60 वर्षीय शख्स कि मौत भी हो गई जिसके बाद ये चर्चाएं शुरू हो गई कि इस ब्रिज में हर बारिश में ऐसा ही पानी भरता फिर भी सरकारें ध्यान नहीं देती हैं और जनता को मुसीबतें होती हैं।

केजरीवाल को बताया जिम्मेदार

मिंटो ब्रिज पर हुए हादसे पर नार्थ दिल्ली के मेयर अशोक कुमार ने कहा कि ये दिल्ली सरकार की लापरवाही का नजीता है। दूसरी ओर दिल्ली प्रदेश के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इस बारिश के जल-जमाव के लिए ठहराया है और कहा कि पहली बारिश ने ही केजरीवाल सरकार की तैयारियों की पोल खोल दी है।

केजरीवाल ने दी सफाई

इस पूरे मामले पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा कि इस मामले में किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं खुद मिंटो ब्रिज से पानी निकलवाने वाले काम की मॉनिटरिंग कर रहा था। इस वक्त दिल्ली सरकार और एमसीडी सभी कोरोना से लड़ने में व्यस्त थे। हम हर तरफ निगाह रखें हुए हैं जहां भी पानी बरस भर रहा है हम उसे निकालने का काम कर रहे हैं। इस मुद्दे पर ज्यादा बयानबाजी नहीं होनी चाहिए।