Mustard Oil

नई दिल्ली: पिछले साल यानी 2021 में वाहन ईंधन और सब्जियों के साथ-साथ खाद्द तेलों की कीमतें  भी आसमान छू रही थी। हालांकि बीते साल के मुकाबले इस साल यानी 2022 में खाने के तेल के भाव में काफी नरमी देखी गई है। अगर आप भी खाने में सरसों तेल (Mustard Oil Price) का प्रयोग करते हैं तो आपके लिए यह अच्छी खबर हैं। सरसों तेल के दाम में एक बार फिर भारी गिरावट दर्ज की गई है।

सरसों तेल की कीमत में आई गिरावट

Mustard Oil Price

आपको बता दें कि, दिल्ली के तेल-तिलहन बाजार में अब तक जो सरसों का तेल 160 से 170 रुपए प्रति किलो के भाव में मिल रहा था उसकी कीमतों में अब 30 से 40 रुपए की कटौती कर दी गई है। इसी के साथ ही सोयाबीन तेल, सीपीओ, पामोलीन सहित बाकी सभी तेल-तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए।

कारोबारियों को हो रहा काफी नुकसान

Mustard Oil

गौरतलब है कि एक तरफ जहां जनता को सरसों के तेल की कीमतों में थोड़ी राहत मिली है वहीं तेल कारोबारियों को काफी नुकसान भी उठाना पड़ा है। बाजार के सुत्रों के मुताबिक कारोबारियों का कहना है कि, महाराष्ट्र के धुरिया में प्लांट वाले सोयाबीन दाना 6,625-6,650 रुपये क्विन्टल की कीमत पर खरीद रहे हैं। इससे सोयाबीन दाना एवं लूज के भाव में सुधार आया।

कारोंबारियों के मुताबिक सरकार को इस तरफ भी देना होगा ध्यान

Mustard Oil

हालांकि कि इससे मिल वालों को सोयाबीन का कारोबार बेपड़ता बैठता है और बाजार में भाव पेराई की लागत से कहीं सस्ता होने से मिलों को पेराई के बाद तेल सस्ते में बेचने को बाध्य होना पड़ता है। मिल वालों, संयंत्रों, आयातकों सभी को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार सरकार को इस ओर ध्यान देना होगा कि अपनी खाद्य तेल जरुरतों के लिए 65 प्रतिशत आयात पर निर्भर देश के व्यापारियों और आयातकों को बेपड़ता भाव पर तेलों की बिक्री क्यों करनी पड़ रही है? उन्होंने लागत से कम भाव पर बिक्री करने की बाध्यता पर गौर करने का सरकार से अनुरोध किया।