Student Punishment: विद्यालय में जब कोई छात्र किसी सवाल का जवाब नहीं देता था या कोई गृहकार्य पूरा करके नहीं लाता था तो उसे सजा मिली थी। लेकिन आज के जमाने में किसी भी छात्र को सजा (Student Punishment) देना या मारना गैरकानूनी हो सकता है। लेकिन फिर भी उत्तरप्रदेश के एक प्राइवेट विद्यालय से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जिसमें 10 साला के मासूम छात्र को ऐसी सजा (Student Punishment) दी गई कि उसका पैर टूट गया और वह बहरा भी हो गया।
हरदोई में शिक्षक क्रूरता का मामला आया सामने
दरअसल मामला उत्तरप्रदेश के हरदोई के बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र में स्थित बिरौरी गांव के निजी स्कूल में हुआ है। एक निजी स्कूल के शिक्षक की छात्र के प्रति क्रूरता देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। जहां आरोपी शिक्षक ने कक्षा 3 में पढ़ने वाले छात्र की बेरहमी से पिटाई (Student Punishment) की। इसके बाद आरोपी शिक्षक ने छात्र को मुर्गे की तरह खड़ा करके उसके ऊपर बैठ गया। जिससे मासूम का पैर टूट गया।
10 वर्षीय छात्र को मुर्गा बनाकर उस पर बैठा शिक्षक
बिरौरी गांव स्थित श्री कल्याण देवी बाल कल्याण विद्यालय में एक शिक्षक ने तीसरी कक्षा के छात्र को ना सिर्फ बेरहमी से पीटा बल्कि उसे मुर्गे की तरह खड़ा करके उसके ऊपर बैठ गया। जिससे उसका पैर टूट गया। छात्र को फिलहाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसका इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि झाला पुरवा गांव निवासी अक्षय कुमार (10) श्री कल्याण देवी बाल कल्याण विद्यालय में पढ़ता है। स्कूल में पढ़ाने वाले आरोपी शिक्षक हर्षित ने पीड़ित छात्र (Student Punishment) से एक सवाल पूछा था।
क्या था शिक्षक और छात्र का मामला?
शिक्षक हर्षित ने छात्र अक्षय से एक सवाल पूछा था। जब वह जवाब नहीं बता पाया तो आरोपी ने उसकी बेरहमी से पिटाई की और मुर्गे की तरह खड़ा (Student Punishment) कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिटाई के बाद बच्चे का पैर फ्रैक्चर हो गया और उसे सुनने में भी दिक्कत हो रही है। मामला यहीं खत्म नहीं होता। आरोप है कि शिक्षक ने छात्र को जातिसूचक भाषा का इस्तेमाल करते हुए गाली भी दी। बाद में क्लास के साथी छात्र उसे अपने घर ले गए।
पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की छानबीन
छात्र अक्षय की मां ने शिक्षक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस शिक्षक ने कथित तौर पर उसे मुर्गे की तरह खड़ा कर दिया। फिर उसके ऊपर चढ़ (Student Punishment) गया। इससे छात्र के शरीर पर ज्यादा वजन पड़ गया और उसका पैर टूट गया। इस दौरान छात्र दर्द से रोता और चिल्लाता रहा। लेकिन शिक्षक ने अपनी हरकतों पर लगाम (Student Punishment) नहीं लगाई। वह 10 साल के बच्चे को रोता हुआ छोड़कर वहां से चला गया। फिर छात्र के दोस्त उसे घर ले गए। वहीं पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले कि छानबीन शुरू की है।
यह भी पढ़ें : भारत को लगा झटका, चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से बाहर हुआ टीम इंडिया का मैच विनर खिलाड़ी