Donald Trump: अमेरिका की एक संघीय अपीलीय अदालत ने डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) प्रशासन द्वारा लगाए गए ज्यादातर वैश्विक टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है। अदालत का कहना है कि ट्रम्प ने इन टैरिफ को लागू करने के लिए जिस कानून IEEPA (International Emergency Economic Powers Act, 1977) का सहारा लिया, वह राष्ट्रपति को इतनी व्यापक आर्थिक शक्ति नहीं देता।
कोर्ट ने माना अवैध

अदालत के 7–4 के फैसले के अनुसार ट्रम्प (Donald Trump) का यह कदम कानून के दायरे से बाहर था और इसे अवैध माना गया है। हालांकि, अदालत ने तत्काल राहत नहीं दी है। फैसले में साफ किया गया कि टैरिफ 14 अक्टूबर 2025 तक प्रभावी रहेंगे, ताकि ट्रम्प प्रशासन सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सके। इसका मतलब यह है कि भारत समेत कई देशों पर लगे भारी आयात शुल्क अभी भी लागू रहेंगे।
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ट्रंप सरकार ने भारत पर लगाया था 25% से 50% तक टैरिफ
गौरतलब है कि ट्रम्प (Donald Trump) प्रशासन ने अगस्त 2025 में भारत से आयात होने वाले कई उत्पादों पर 25% से 50% तक के टैरिफ लगाए थे। यह फैसला अमेरिका और भारत के बीच गंभीर व्यापारिक टकराव का कारण बना। भारत ने इसे “अनुचित और रणनीतिक रूप से नुकसानदेह” बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई थी। अब अदालत के इस आदेश से भारत को उम्मीद जगी है कि सुप्रीम कोर्ट में मामला पलटने पर इन टैरिफ से राहत मिल सकती है।
ट्रंप ने दी प्रतिक्रिया
ट्रम्प (Donald Trump) ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अदालत को “Highly Partisan” बताया और कहा कि यह निर्णय देश के लिए खतरनाक है। उन्होंने भरोसा जताया कि सुप्रीम कोर्ट में उन्हें न्याय मिलेगा।
यह फैसला केवल भारत ही नहीं बल्कि चीन, कनाडा, मेक्सिको समेत कई देशों को प्रभावित करता है, क्योंकि ट्रम्प ने ‘Reciprocal’ और ‘Fentanyl trafficking’ टैरिफ भी इन्हीं आपात शक्तियों के आधार पर लगाए थे। हालांकि स्टील और एल्युमिनियम पर लगे टैरिफ इस फैसले के दायरे में नहीं आते क्योंकि वे दूसरे कानून के तहत लागू किए गए थे।
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