संजीत यादव को फिरौती लेने के बाद भी मार दिया गया
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……दरिंदों ने रक्षाबंधन से हफ्ते भर पहले छीन लिया उसका भाई

उसे क्या पता था कि रक्षाबंधन से हफ्ते भर पहले दरिंदे उसके भाई को हमेशा के लिए छीन लेंगे। वह तो उसके अपरहण के बाद से ही तलाश में लगी थी। थानों से लेकर पुलिस अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते थक गई थी। वहीं, नकारी पुलिस ने अपहर्ताओं को पीड़ित परिवार से 30 लाख रुपये की फरौती भी दिलवा दी। इसके बाद भी बदनसीब बहन को उसका अपहर्त भाई जिंदा नहीं मिला।

अपहर्ताओं ने उसकी हत्या करके शव को नदी में फेंक दिया। जो बहन हर साल अपने भाई के लिए रक्षाबंधन का इंतजार करती थी और उसके लिए रंग-बिरंगी राखियां खरीदती थी। उसके अरमान अब हमेशा के लिए बदमाशों ने लूट लिए। मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर के बर्रा इलाके का है।

गौरतलब है कि कानपुर के बर्रा निवासी लैब असिस्टेंट संजीत यादव का 22 जून को अपहरण हो गया था। मामले की जानकारी होने पर परिवारीजनों ने बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। तो पुलिस ने उसमें भी आनाकानी की। अपहरण का मुकदमा लिखने के बजाए गुमशुदगी दर्ज की और फाइल ठंडे बस्ते में डाल दी।

इस बीच संजीत के परिवारीजनों के पास 30 लाख की फिरौती के लिए फोन आया। संजीत की बहन रुचि औऱ परिवारीजनों के मुताबिक उसने तय बात बर्रा पुलिस को बताई। इसके बाद बर्रा पुलिस ने उनसे रुपयों का इंतजाम करने के लिए कहा।

संजीत के परिवारीजनों ने मकान और जेवर बेचकर रुपयो की व्यवस्था की और फिर पुलिस से मिले। पुलिस ने 30 लाख रुपये एक बैग में रखवाए और परिवारीजनों को लेकर गुजैनी पुल पर पहुंचे। अपहर्ताओं के बताए गए स्थान गुजैनी पुल से नीचे रेलवे ट्रैक पर संजीत के परिवारीजनों ने रुपयों से भरा बैग नीचे फेंक दिया।

इस बीच अपहर्ता रुपयों से भरा बैग लेकर भाग निकलें लेकिन संजीत वापस नहीं आया. इसी के बाद संजीत की बहन रूचि ने एक विडियो वायरल कर पुलिस की लापरवाही उजागर की थी. इस पर एसएसपी दिनेश कुमार पी ने तत्कालीन इंस्पेक्टर बर्रा रणजीत राय को निलंबित कर दिया था।

मामले की जांच एएसपी अपर्णा गुप्ता को सौंपी थी लेकिन मामले में उनकी भी लापरवाही सामने आई। उन्होंने मामले में जल्दबाजी करते हुए एएसपी को जांच रिपोर्ट सौंप दी और 30 लाख फिरौती की बात निराधार बता दी। नतीजतन की हत्या कर दी गई. संजीत की बहन ने पूरे मामले को लेकर पुलिस पर आरोप लगाया है और कार्यवाही की मांग की है।

एक युवक ने खोला पूरे मामले का राज…..

एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि गुरुवार रात पुलिस ने एक युवक को दबोचा और संदिग्ध होने पर उससे पूछताछ शुरू की। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने कहा कि संजीत की हत्या हो चुकी है। संजीत की हत्या 25-26 जून को ही करके शव पांडु नदी में फेंका गया था। हत्या के बाद घर वालों से फिरौती मांगी गई थी। हत्याकांड में दो महिलाओं और चार पुरुषों के नाम सामने आए हैं। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। इनमें से एक संजीत का दोस्त बताया जा रहा है।

पुलिस अधिकारी सहित कई सस्पेंड…

इस मामले में जहां शासन ने एएसपी अपर्णा गुप्ता और सीओ मनोज गुप्ता को निलंबित कर दिया तो वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामले में लापरवाही बरतने पर चौकी इंचार्ज राजेश कुमार, दरोगा योगेंद्र प्रताप सिंह और सिपाही दिशु भारती, विनोद कुमार, सौरभ पाण्डेय, मनीष, अवधेश व शिव प्रताप को निलम्बित कर दिया है.

 

 

 

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