एनकाउंटर से पहले विकास दुबे ने खोले बिकरु कांड के राज, नहीं था उसे किसी अपराध का पछतावा

पुलिस ने बोला था विकास दुबे एनकाउंटर मामले में झूठ, उज्जैन से कानपुर तक हुई थी पूछताछ, खोले कई राज

विकास दुबे से एसटीएफ ने उज्जैन से कानपुर तक जो पुछताछ की थीं उसकी परते अब धीरे-धीरे सामने आ रही है और उसके साथ विकास की सनक भी पता चल रही है।

Madhya Pradesh, July 09 (ANI): Police personnel arrest Vikas Dubey, the main accused in the Kanpur encounter Case, at the Mahakal temple, in Ujjain on Thursday. (ANI Photo)

कानपुर: बिकरू कांड का मुख्य अपराधी विकास दुबे 7 दिन तक फरार रहा जिसके बाद उज्जैन में पकड़े जाने के बाद एसटीएफ उसे कानपुर ला रही थी लेकिन उसने फिर भागने की कोशिश की और वो पुलिस एनकाउंटर में मारा गया लोगों का मानना है कि मारने से सारे राज खत्म हो गए, लेकिन अब जो खबरें आ रही हैं वो हैरान करने वाली हैं।

पुलिस ने की थी पूछताछ

दरअसल उज्जैन से गिरफ्तार करने के बाद विकास दुबे से उज्जैन पुलिस एसटीएफ ने तगड़ी पूछताछ की थी, यही नहीं यूपी एसटीएफ ने भी विकास दुबे को उज्जैन से एनकाउंटर के वक्त तक लगभग 11 घंटे की लंबी पूछताछ की थी, जिसमें कई बड़े खुलासे हुए हैं और ये खुलासे हैरान करने वाले रहे हैं।

नशे में थे सभी खूंखार अपराधी

विकास दुबे ने बताया कि उसने खबर मिलने के बाद लगभग अपने 80-90 गुर्गों को बुलाया था और उस रात उनके लिए वहां खाना बना था, सब वहीं रुके थे और उनके लिए शराब का भी इंतजाम था। विकास ने कहा कि हमें खुद भी नहीं पता था कि हम कितनी गोलियां चला रहे हैं और मैं और अमर दुबे दोनों नशे में थे मुझ पर गुस्सा सवार था।

नहीं था पछ्तावा

दरअसल विकास दुबे से पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार विकास इस दुर्दांत अपराध के लिए बिल्कुल भी नहीं पछता रहा था जब उसे पता चला कि एनकाउंटर होने वाला है तो 2 जुलाई की रात वो गुस्से में पागल हो गया था और इसी के चलते उसने सीओ देवेंद्र मिश्रा को गिरफ्तारी न देने का निश्चय कर लिया था।

विकास अपने इसी गुस्से के चलते उस रात 8 पुलिस कर्मियों के लिए मौत बन गया। एसटीएफ के अनुसार उसे किसी भी बात का पछतावा नहीं था। वो एक साइको किलर की तरह कह रहा था जो हो गया वो हो गया उसे थाने से जो खबर मिली उससे वो पागल हो गया और इतनी बड़ी घटना को केवल अपनी सनक और गुस्से में अंजाम दे गया।

टीवी पर देखी खबर

सभी के मन में ये सवाल था कि पुलिसकर्मियों को क्यों मारा गया इस पर उसने कहा कि उसे नहीं पता था कि पुलिस के लोग मारे गए उसने कहा कि मुझे लगा घायल हुए हैं। उसने ये भी कहा कि पुलिस के मारे जाने की खबर मुझे सुबह टीवी में न्यूज देखकर हुई थी। आपको बता दें कि इस वारदात के बाद विकास दुबे 2 दिन तक कानपुर के बिकरू इलाके में ही छिपा रहा था‌ और उसने ये खबर यहीं देखी था।

पता चल गया था अंजाम

मुझे उसी वक्त मेरा अंजाम पता लग गया था इसी लिए मैं बेखौफ फरीदाबाद, उज्जैन में घूम रहा था। विकास ने बताया कि उसने सरेंडर करने की तैयारी भी कर ली थी, जिसके बाद उसने एक वकील से 50,000 हजार की डील भी की थी, लेकिन उससे पहले ही मैं पकड़ लिया गया। आपको बता दें विकास दुबे की इस बातचीत का समय उज्जैन से कानपुर में एनकाउंटर तक का है। उससे पूरे रास्ते पूछताछ की गई थी।

 

 

 

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