एक बार फिर कंगना रनौत ने दिखाया गुस्सा इस बार चीन है वजह

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने बताया कैसे भारत दे सकता है चीन को मात, लोगों से की ये अपील

हिंदी चीनी भाई भाई का नारा लगाने वाले चीनी के चेहरे से शराफत का नकाब हटने के बाद देश के तमाम हिस्सों में जहां विरोध प्रदर्शन जारी है, वहीं बॉलीवुड की जानी मानी हस्तियां भी चीन के सामान का बहिष्कार करने की अपील लोगों से कर रही हैं. इस अभियान में अब नाम आया है कंगना रनौत का. उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर एक वीडियो जारी करते हुए देशवासियों से चाइना के सभी तरह के उत्पादों के बहिष्कार के लिए अपील की है. उन्होंने लोगों को और अपनी सरकार का साथ देने की अपील की.
गौरतलब है कि हाल ही में चीन ने मुँह पर दोस्त कहते हुए भारत की लद्दाख गलवान घाटी पर कब्ज़ा करने की नियत से हमला बोल दिया था. चुंकि चीन की इस हरकत से सैनिक वाकिफ नहीं थे, इसलिए इस युद्ध मे भारत को 20 जवान खोने पड़े. तभी से पूरे देश में चीन के खिलाफ आक्रोश व्याप्त हो गया है. चारों तरफ से लोग चीन के हर सामान का बहिष्कार करने की अपील कर रहे हैं.
कंगना रनौत ने अपने वीडियो में इस तरह से अपील करते हुए कहा है कि
“अगर कोई हमारे हाथों से हमारी उंगलियां काटने की कोशिश करें,  हमारे भुजाओं से हमारी हथेली काटने की कोशिश करें. तो किस तरह का कष्ट होगा आपको. वही कष्ट पहुंचाया है चाइना ने हमें लद्दाख पर अपनी लालची नजरें गड़ा कर और वहां हमारी सीमा का एक -एक इंच बचाते हुए हमारे 20 जवान शहीद हो गए. क्या आप भूल पाएंगे उनकी मां के आंसू, उनकी विधवा की चीखें और उनके बच्चों के दिए हुए बलिदान को. क्या यह सोचना ठीक है कि सरहद का जो युद्ध है वह केवल सेनाओं और सरकारों का युद्ध होता है, क्या उसमें हमारा कोई योगदान नहीं?  क्या हम भूल गए वह वक़्त गांधी जी कि उस बात को जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर अंग्रेजों की रीढ़ भारत में तोड़नी है तो हमें उनके बनाए हुए उत्पादों का बहिष्कार करना होगा.”
उन्होंने आगे कहा कि
“हम भी इस युद्ध में हिस्सा लें. लद्दाख केवल एक जमीन का टुकड़ा नहीं, भारत की अस्मिता का एक बहुत बड़ा हिस्सा है भारत की हथेली है, हम उसे किसी भी तरीके से दुश्मनों के गंदे इरादे में सफल नहीं होने देना चाहिए. तो क्या हम लोगों को इसमें हिस्सा नहीं लेना चाहिए कि चाइना के हर सामान का बहिष्कार करें, उसकी बनाए हर उत्पाद का बहिष्कार करें क्योंकि इस सामान के जरिए वह इंडिया से जो संपत्ति इकट्ठा कर ले जा रहा है उनसे हथियार खरीद कर हमारे ही सैनिकों के सीने छलनी करते है.  तो क्या हम चाइना का साथ दे सकते हैं. आप बताइए क्या यह हमारा कर्तव्य नहीं कि हम अपने सैनिकों और सरकार का साथ दें. तो हम प्रतिज्ञा लेते हैं कि हम आत्मनिर्भर बनेंगे. चीन के सामानों का बायकाट करेंगे. इस युद्ध में हम भारत को जिताएंगे. युद्ध में हम सब पर चढ़कर हिस्सा लेंगे. जय हिंद”