दिल्ली में बढ़ेगी कोरोनावायरस के टेस्टिंग की रफ्तार, सुपरफास्ट तकनीक का होगा इस्तेमाल, जाने क्या है ये तकनीकी

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कोरोनावायरस का ग्राफ काफी तेजी से बढ़ रहा है जिसके कारण राज्य सरकार और प्रशासन में खलबली सी मची हुई है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते अब दिल्ली में कोरोनावायरस की टेस्टिंग को रफ्तार देने के लिए आज से एक नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। आईसीएमआर ने कंटोनमेंट जोन और अस्पतालों में इस तेज-तर्रार तकनीक के इस्तेमाल की इजाजत दे दी है। ये नई टेस्टिंग तकनीक बेहद ही कम समय में आधुनिकता की मदद से कोरोनावायरस का टेस्ट करके रिपोर्ट तैयार करती है।

तैयार है पूरा रोड मैप

दिल्ली में बढ़ेगी कोरोनावायरस के टेस्टिंग की रफ्तार, सुपरफास्ट तकनीक का होगा इस्तेमाल, जाने क्या है ये तकनीकी

दिल्ली में तेजी से फैलते कोरोनावायरस से निपटने के लिए कोरोना की टेस्टिंग को लेकर दिल्ली सरकार और दिल्ली आपदा प्रबंधन विभाग ने पूरा रोड मैप तैयार कर लिया है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि इस नई तकनीक के जरिए 20 जून से प्रतिदिन कोरोनावायरस के 18,000 टेस्ट किए जाएं दिल्ली के सभी 247 कंटोनमेंट जोन के अलावा इस तकनीक का कोरोनावायरस की टेस्टिंग के लिए कब कहां और कितना उपयोग करना है, इसका पूरा खाका केंद्रीय गृहमंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार दिल्ली सरकार और दिल्ली आपदा प्रबंधन विभाग ने तैयार किया है ‌.

कोरोनावायरस से जंग में कारगर

कोरोनावायरस से जंग में टेस्टिंग सबसे बड़ा हथियार है जितनी अधिक टेस्टिंग होंगी उतना इसे रोकने में मदद मिलेगी। वर्तमान में काम कर रही तकनीक के अनुसार कोरोनावायरस का टेस्ट करने पर उसकी रिपोर्ट आने में 1-2 दिन लगते हैं लेकिन इस तकनीक के उपयोग से कोरोनावायरस के टेस्ट का नतीजा 15 से 20 मिनट में निकल आएगा जिससे कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज में मदद मिलेगी।

क्या है ये तकनीक?

दिल्ली में बढ़ेगी कोरोनावायरस के टेस्टिंग की रफ्तार, सुपरफास्ट तकनीक का होगा इस्तेमाल, जाने क्या है ये तकनीकी

कोरोनावायरस की टेस्टिंग की ये नई तकनीक रैपिड एंटीजन टेस्ट है जो कि सुपरफास्ट तरीके से काम करती है इसे दक्षिण कोरिया की मानेसर स्थित एक कंपनी ने तैयार किया है जो कि 15-20 मिनट के अंदर कोरोनावायरस का टेस्ट की नतीजा बता देती है। इस तकनीक में सबसे पहले इंसान की नाक के दोनों तरफ के फ्लूड का सैंपल लेकर मोबाइल वैन में बनी लैब में टेस्ट किया जाता है अगर दोनों स्ट्रिप एक सीध में आती है तो इसे निगेटिव माना जाता है इसे निश्चित करने के लिए RT-PCR टेस्ट के जरिए करते हैं। दो लाल रेखाएं दिखने पर कोरोनावायरस का टेस्ट पॉजिटिव ओर कोई भी रेखा न दिखने फर टेस्ट बेनतीजा होता है।

 

 

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