हवा से भी फैल रहा है कोरोनावायरस, वैज्ञानिकों ने किया बड़ा खुलासा

जानिए हवा से भी फैल रहा है कोरोनावायरस, वैज्ञानिकों ने किया बड़ा खुलासा

वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध में खुलासा हुआ है कि हवा के जरिए भी छोटे माइक्रो ड्रॉपलेट्स से कोरोनावायरस का संक्रमण हो सकता है।

नई दिल्ली: कोरोनावायरस के मामले आए दिन मुसीबत का सबब बन रहे हैं पूरी दुनिया में लगभग डेढ़ करोड़ से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। दूसरी तरफ कोरोनावायरस को लेकर रिसर्च का काम भी बहुत तेजी से किया जा रहा‌ है और जो रिसर्च में नई चीज सामने आई हैं वो लोगों की मुश्किलों में दोगुना इजाफा कर सकती है।

खतरनाक है माइक्रोड्रॉपलेट्स

कोरोनावायरस के संक्रमण को लेकर पहले वैज्ञानिकों ने बताया था कि खांसने छींकने से उस दौरान मुंह से निकले कोरोनावायरस के माइक्रोड्रॉपलेट्स निकलते हैं और इनके जरिए ही कोरोनावायरस का संक्रमण होता है। जिसके बाद सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने जैसी सावधानियां बरतने को कहा गया था।

हवा से भी फैल रहा है कोरोनावायरस

लेकिन कोरोनावायरस के माइक्रोड्रॉपलेट्स को लेकर जो बातें अब वैज्ञानिकों की बातें सामने को आ रही हैं वह और अधिक ज्यादा परेशान करने वाली है। दरअसल वैज्ञानिकों का है बोलने और सांस लेने के दौरान भी माइक्रो ड्रॉपलेट्स कोरोना संक्रमित मरीज से बाहर निकलते हैं। हवा में रहते हैं जिससे हवा के जरिए की कोरोनावायरस का खतरा हो सकता है।

मुश्किल है सैंपलिंग

इस मामले में नेब्रास्का मेडिकल सेंटर के एसोसिएट प्रोफेसर जोशुआ संतारपिया ने अमेरिकी मीडिया एजेंसी से बात करते हुए शोध को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं।

‘शोध के लिए सैंपल इकट्ठा करना वास्तव में बहुत मुश्किल था। वायरस के बारे में जानकारी जुटाने के लिए टीम ने मोबाइल फोन के आकार वाले एक उपकरण का इस्तेमाल किया था. ऐसी स्थिति में फोकस बनाए रखने की संभावना बहुत कम होती है।’

खतरनाक है छोटे माइक्रो ड्रॉपलेट्स

वैज्ञानिकों ने बताया कि कुछ मरीज जो आपस में बात कर रहे थे या खास रहे थे उनके मुंह से निकले ड्रॉपलेट्स काफी देर तक हवा में तैरते रहते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान हवा में तैरते माइक्रो ड्रॉपलेट्स के सैंपल लिए गए हैं।

वैज्ञानिकों को सुरक्षित रखने के बाद यह पाया कि माइक्रोप्लेट के 18 में से 3 सैंपल ऐसे थे जो 1 से 2 हो रहे थे और इसके जरिए ही कोरोनावायरस की हवा में संख्या बढ़ती है।‌वैज्ञानिकों के अनुसार कोरोनावायरस के माइक्रो ड्रॉपलेट्स की अपेक्षा छोटे माइक्रो ड्रॉपलेट्स से हवा में कोरोनावायरस के फैलने का खतरा ज्यादा होता है।

 

 

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