कानपुर के सरकारी बालिका गृह में 57 लड़कियां कोरोना संक्रमित, 2 प्रेग्नेंट और 1 को एड्स
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कानपुर के सरकारी बालिका गृह में 57 लड़कियां कोरोना संक्रमित, 2 प्रेग्नेंट और 1 को एड्स, सवाल पूछने पर भड़के डायरेक्टर

अधीक्षिका समेत कई क्वारंटीन, सभी  दस्तावेज सील दोनों संवासिनी जच्चा-बच्चा हॉस्पिटल में एडमिट  एक संवासिनी एचआईवी और एक  हेपेटाइटिस सी पॉजिटिव भी मिली 

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के स्वरूपनगर स्थित संवासिनी गृह मे 50 से अधिक बालिकाओं के कोरोना संक्रमित की खबर अभी ठंडी भी नहीं हुई थी, कि वहां की कोरोना संक्रमित दो 17 साल की संवासिनियां गर्भवती मिलने की खबर ने विभाग मे हड़कंप मचा दिया है। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार एक जहाँ 8 महीने तो दूसरी साढ़े आठ महीने की गर्भवती है।
19 जून को कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद उन्हें 20 को रामा मेडिकल कालेज मंधना मे एडमिट किया गया था, लेकिन गर्भावस्था के कारण उन्हें जच्चा-बच्चा हॉस्पिटल मे रेफर कर दिया गया। यहां पर जांच में एक संवासिनी एचआईवी संक्रमित पाई गई है, तो एक और को हेपेटाइटिस सी संक्रमित मिली है. फिलहाल विभाग दोनों संवासिनी गृह कब आईं और कब से गर्भवती हैं के सवाल पे पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है. इस तरह की खबर विभाग पे कई सवाल उठा रहा है.
हॉस्पिटल मे उनकी विशेष देखभाल की जा रही है.  उनका कोविड 19 का इलाज शुरू कर दिया गया है. संक्रमित संवासिनियों के गर्भवती होने के साथ ही उनमें अन्य दूसरे खतरनाक संक्रमण पाए जाने से पूरा स्वास्थ्यविभाग सकते मे है.  जिला प्रोबेशन अधिकारी अजीत कुमार का कहना है कि 57 कोरोना संक्रमित मिलने के बाद संवासिनी और राजकीय बालिका गृह को सील कर दिया गया है।
अधीक्षिका के साथ ही अन्य संवासिनियों को पनकी के केडीए के फ्लैटों में क्वारंटीन किया गया है। सभी दस्तावेज संवासिनी गृह में ही हैं। दस्तावेज देखने के बाद ही संवासिनियों के यहां आने और उनके गर्भवती होने के संबंध में जानकारी मिल सकेगी।

सवाल पे भड़के महिला कल्याण के निदेशक…..

महिला कल्याण निदेशक मनोज कुमार राय से ज़ब बालिकाओं के संक्रमित होने और गर्भवती होने कि बात पूछी गईं तो वह भड़क गए और सवाल का जवाब देने के बजाए उन्होंने कहा कि
“मेरे होम मे HIV पॉजिटिव लड़कियां होती ही हैं. समाज से आई लड़कियां एक्ट के तहत आती हैं.”
वह प्रेग्नेंट लड़कियों और कोरोना संक्रमण संस्थान में कैसे आया और जो नई लड़की गृह में लाई गई थी उसको अन्य बच्चियों के साथ में रखने से पहले कोरोना टेस्ट क्यों नहीं कराया गया आदि सवाल पर जवाब देने के बजाय वह इधर-उधर की बात करते रहे. और अंत में फोन काट दिया. निदेशक से हुई बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड भी रिपोर्टर के पास सुरक्षित है.

 

 

 

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