भारत बनाम चीन: कौन‌ पड़ेगा किस पर भारी, कितनी है दोनों की तैयारी
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भारत बनाम चीन: बॉर्डर पर हुआ इस बार युद्ध तो भारत हर मामले में पड़ेगा चीन पर भारी, देखें विश्लेष्ण

भारत बनाम चीन की जंग में हथियारों और क्षमता को लेकर कौन कहां खड़ा है और यदि युद्ध हुआ तो दोनो में देशों मेें किसका पलड़ा ज्यादा भारी होगा।

भारत बनाम ची़न की ये बात तब से शुरू हो गई है जब से चीनी सैनिकों ने लद्दाख की गलवान घाटी में हमारे भारतीय जवानों के साथ हिंसक झड़प में हमारे 20 जवानों को शहीद कर दिया। तब भारत बनाम चीन की जंग होने की बाते होने लगी हैं। दोनों देशों की ताकत को लेकर अलग-अलग तरह के अंदाजे लगाए जा रहे हैं‌। किसी का मानना है कि चीन भारत पर भारी पड़ेगा तो को ई ये साफ कह रहा है कि ये 1962 का भारत नहीं है ये चीन पर भारी पड़ेगा लेकिन ये देखना बेहद अहम है कि दोनों देशों की ताकत कितनी है और युद्धक क्षमता के मामले में दोनों देश कहां पर खड़े हैं।

कितनी है हवाई ताकत

भारत बनाम चीन की इस जंग में हवाई लड़ाकों को विशेष महत्व हो सकता है। दोनों देशों के पास कुशल एयरफोर्स हैं, भारत बनाम चीन की इस जंग में काफी खतरनाक साबित हो सकती है।

भारत- भारत के पास 68 हवा में वार करने वाले जंगी एयरक्राफ़्ट हैं। जो हवा में ही दुश्मन के जहाजों को ध्वस्त कर सकते हैं। इस साल की एक रिपोर्ट में सामने आया है चीन सीमा पर कई एयरबेस हैं, जो वहां से हमला कर सकता है। यही नहीं हवा से जमीन पर वार करने वाले फाइटर जेट की संख्या भारत में काफी ज्यादा है। भारत के पास सुखोई मिराज जैसे फाइटर जेट हैं, जो किसी भी मौसम में उडा़न भर के दुश्मन के परखच्चे उड़ा सकते हैं। ये फाइटर जेट्स भारत बनाम चीन की इस जंग में एक निर्णायक भूमिका अदा कर सकते हैं।

चीन- चीन के के भारत की अपेक्षा अधिक युद्धक एयरक्राफ़्ट हैं जिनकी संख्या करीब 270 तक है। चीन फाइटर जेट के मुकाबले में भारत से काफी पीछे है और उसके पास उन फाइटर जेट्स की संख्या बेहद कम है। चीन के पास केवल J-10 फाइटर जेट है जिनकी क्षमता भारत के मुकाबले बेहद कम है।

ऊंचाई पर आगे निकलेगा भारत

तिब्बत लद्दाख जैसे बेहद ऊंचाई के इलाकों में भारत के विमान उडा़न भरने में सक्षम है, लेकिन चीन इस रेस भारत से बहुत पीछे नजर आ रहा है और उन ऊंचे इलाकों पर जंग के लिए चीन कमजोर साबित होगा।

थल सेना में है किसका दबदबा

भारत और चीन दोनों के पास एक बड़ी सेना है दोनों विश्व की सबसे अधिक जनसंख्या वाले देश हैं। भारत बनाम चीन‌ की इस जंग में दोनों के पास बेहद पेशेवर सेना होने के चलते ये संग्राम काफी भयावह हो सकता है।

भारत- भारत के पास एक बड़ी थल सेना है जो कश्मीर जैसे आतंकी क्षेत्र में आए दिन बड़े ऑपरेशंस को अंजाम देती है LAC के इलाकों में भारत के 2,25,000 सैनिकों की तैनाती है। भारतीय सेना आए दिन कश्मीर समेत बांग्लादेश के कई इलाकों में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशंस को अंजाम देती रहती है. 1,999 आखिरी बार भारत सीधे युद्ध में पाकिस्तान से कारगिल में लडा़ था, जिसमें उसकी विजय हुई थी।

चीन- चीन के पास भी एक बड़ी सेना है लद्दाख इलाक़े में चीन के करीब 2,20,000 से 2,30,000 फौजी तैनात हैं। भारत बनाम चीन की ज़ग में यहां भारत को अधिक फायदा होगा क्योंकि चीन के वर्तमान सैनिकों के पास युद्ध का कोई भी अनुभव नहीं है चीन ने आख़िरी बार 1979 में वियतनाम के खिलाफ युद्ध लड़ा था जिसमें उसे हार का मुंह देखना पड़ा था।

दोनों हैं परमाणु शक्ति संपन्न देश

जापान में हुई मानव त्रासदी के बाद अब कोई नहीं चाहता कि कभी भी परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किया जाए लेकिन हकीकत ये है कि विश्व के सभी बड़े देश परमाणु संयंत्रों को बढ़ाने पर काम करते रहते हैं।

चीन- चीन ने पहली बार 1964 परमाणु हथियार का परीक्षण किया था आज की स्थिति में चीन के पास 320 परमाणु हथियार मौजूद हैं।
भारत- भारत ने अपना पहला परमाणु परीक्षण 1974 में किया था और भारत के परमाणु जखीरे में कुल 150 परमाणु हथियार मौजूद हैं।

साफ जाहिर है कि भारत बनाम चीन की जंग अगर होती है तो चीन को इसमें भारत से कहीं अधिक नुकसान होगा जिससे चीन की वैश्विक स्तर पर साख तो कम होगी ही साथ ही उसे हार का मुंह भी देखना पड़ सकता है।

 

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