भारत-चीन विवाद: पीएम मोदी की दो टूक, व्यर्थ नहीं जाएगा जवानों को बलिदान
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भारत-चीन विवाद: पीएम मोदी की दो टूक, व्यर्थ नहीं जाएगा जवानों को बलिदान

भारत-चीन सीमा विवाद पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रतिक्रिया, शहीदों को दी श्रद्धांजलि।

नई दिल्ली: पिछले एक महीने से लद्दाख के पेंगुआन झील और गलवान घाटी में चल रहे भारत-चीन विवाद को लेकर बड़ी और दर्दनाक खबर तब सामने आई जब सेना ने आधिकारिक तौर पर सूचित किया कि गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से झड़प में 20 भारतीय जवान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दे गए।

ख़बरें ये भी हैं कि भारतीय सेना ने चीन के भी 43 के करीब जवान घायल या मौत के घाट पर पहुंचाए है। इस बीच अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी सख्त प्रतिक्रिया दी है और देश की संप्रभुता और अखंडता को लेकर भारत सरकार का पक्ष सभी के सामने रखा है।

व्यर्थ नहीं जाएगा बलिदान

कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों को लेकर बुधवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत के दौरान सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को संबोधित किया उन्होंने कहा कि भारत के वीर सपूतों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। लंबे वक्त से चल रहे भारत-चीन विवाद और चीनी सेना द्वारा की गई हिंसक झड़प पर पीएम ने कहा कि भारत की नियत आक्रामक नहीं है लेकिन उकसाने पर दुश्मन को करारा जवाब दिया जाएगा और अपने जवानों की शहादत का बदला भी लिया जाएगा।

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संप्रभुता से समझौता नहीं

पीएम ने कहा कि भारत ने हमेशा ये सोच रखी है कि किसी भी प्रकार का मतभेद विवाद का रूप न ले सकें। इसके साथ ही उन्होंने देश और विश्व को साफ संदेश दिया कि भारत अपनी संप्रभुता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा हमारे लिए संप्रभुता सबसे अहम है। भारत-चीन विवाद में शहीद हुए भारतीय जवानों की बहादुरी को लेकर पीएम ने कहा कि हमारे जवान मारते-मारते शहीद हुए हैं जो कि गौरवान्वित करता है जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए पीएम मोदी ने वर्चुअल बैठक के दौरान दो मिनट का मौन रखा और उनके परिवार के प्रति संवेदना जाहिर की।

बुलाई गई सर्वदलीय बैठक

बीते दिन भारत-चीन विवाद को लेकर सेना समेत सभी कूटनीतिक महकमों में आगे की रणनीति को लेकर माथापच्ची होती रही और चीन को उसी की भाषा में माकूल जवाब देने को लेकर बैठकों का दौर चलता रहा। इस दौरान सरकार की तरफ जानकारी दी गई कि 19 जून को सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें चीन विवाद पर चर्चा होगी। वर्चुअल माध्यम से होने वाली इस बैठक में देश की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के शीर्ष नेताओं को शामिल किया जाएगा।

चीन ने की थी साज़िश

अचानक हुए भारत-चीन विवाद को लेकर बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से बात की। जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए बताया कि चीन ने ये दुस्साहस सोची-समझी रणनीति के तहत किया है और इसके लिए उसने कई दिनों की प्लानिंग की थी। गलवान में हुई हिंसक झड़प के लिए चीन पूरी तरह जिम्मेदार है। आपको बता दें कि इन सबसे इतर चीन भारत पर सारे बेबुनियाद आरोप लगा रहा है जो कि निराधार हैं।

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