'ऑपरेशन अर्नब' : अर्नब गोस्वामी को गिरफ़्तारी पक्की करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने किया था 40 सदस्यीय टीम का गठन
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‘ऑपरेशन अर्नब’ : अर्नब गोस्वामी को गिरफ़्तारी पक्की करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने किया था 40 सदस्यीय टीम का गठन

'ऑपरेशन अर्नब' : अर्नब गोस्वामी को गिरफ़्तारी पक्की करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने किया था 40 सदस्यीय टीम का गठन
'ऑपरेशन अर्नब' : अर्नब गोस्वामी को गिरफ़्तारी पक्की करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने किया था 40 सदस्यीय टीम का गठन

मुंबई: रिपब्लिक टीवी के एडिटरइन चीफ अर्नब गोस्वामी को बुधवार यानी 4 नवंबर को मुंबई स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया था. अर्नब को गिरफ्तार करने के लिए महाराष्ट्र सरकार के गृह मंत्रालय ने 40 सदस्यीय टीम का गठन किया था. इसकी कमान राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने अपने हाथ में रखी थी।

मुंबई और रायगढ़ के पुलिसकर्मी शामिल

'ऑपरेशन अर्नब' : अर्नब गोस्वामी को गिरफ़्तारी पक्की करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने किया था 40 सदस्यीय टीम का गठन

सूत्रो के मुताबिक रायगढ़ पुलिस ने इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुद की कथित आत्महत्याओं की जांच फिर से शुरू करने की अनुमति मिलने के कुछ दिनों बाद ही ऑपरेशन अर्नबकी तैयारी शुरू कर दी थी. इस ऑपरेशन में मुंबई और रायगढ़ पुलिस के 40 कर्मियों को शामिल किया गया था.

सचिन वेज को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी

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संजय मोहिते ने अर्नब को गिरफ्तार करने की योजना तैयार किया, जबकि इसे अंजाम देने की जिम्मेदारी सचिन वेज को सौंपी गई. मोहिते के नेतृत्व वाली टीम के लिए अर्नब को गिरफ्तार करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था. टीम के एक सदस्य ने बताया कि हमने बहुत सावधानी से काम किया. टीम के प्रत्येक सदस्य ने संयम का पालन किया.

यह एक योजनाबद्ध ऑपरेशन

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टीम के सदस्य ने बताया कि शुरुआती जांच में यह पुष्टि की गई कि अर्नब कथित रूप से आत्महत्या के मामले में शामिल थे. सदस्य ने कहा, ‘यह एक गुप्त ऑपरेशन था और हमारे लोगों ने अर्नब के घर के कई चक्कर लगाए थे. हमें डर था कि जानकारी लीक हुई तो अर्नब गिरफ्तारी से बचने के लिए शहर से बाहर जा सकते हैं.’ टीम के सदस्य ने बताया, ‘यह एक योजनाबद्ध ऑपरेशन था और छोटेछोटे मुद्दों का ध्यान रखा गया था. यह पहले से तय किया गया था कि कौन दरवाजा खटखटाएगा, कौन अर्नब और उनके परिवार के सदस्यों से बात करेगा और अगर वह विरोध करते हैं तो क्या कार्रवाई की जाएगी.’

2 साल पुराने मामले में गिरफ्तारी

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बुधवार को मुंबई पुलिस ने इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक को आत्महत्या के लिए उकसाने के दो साल पुराने केस में अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार किया था. इसके बाद देर शाम अर्नब गोस्वामी की रायगढ़ जिले में अलीबाग की एक अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें 14 दनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. हालांकि, अर्नब के वकील ने जमानत याचिका दायर की है. पुलिस ने बताया कि धारा 306 और 34 के तहत अर्नब को गिरफ्तार किया गया. सुसाइड केस में अर्बन गोस्वामी के अलावा फिरोज मोहम्मद शेख और नितेश सारदा भी आरोपी हैं,

5.4 करोड़ बकाया नहीं देने का है आरोप

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अर्नब गोस्वामी, फिरोज शेख और नितेश सारदा द्वारा कथित रूप से बकाया राशि न देने पर 53 वर्षीय एक इंटीरियर डिजाइनर और उसकी मां के आत्महत्या करने के मामले की सीआईडी द्वारा पुनः जांच करने के आदेश दिए गए थे. कथित तौर पर अन्वय नाइक द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट में कहा गया था कि आरोपियों ने उनके 5.40 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया था, इसलिए उन्हें आत्महत्या का कदम उठाना पड़ा. हालांकि रिपब्लिक टीवी ने आरोपों को खारिज कर दिया था.

 

 

 

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