चीन लड़ने के लिए भारत बनाएगा अंडरवाटर टनल, भारतीय सेना को मिलेगी मदद

चीन लड़ने के लिए भारत बनाएगा अंडरवाटर टनल, भारतीय सेना को मिलेगी मदद

भारत सरकार ने चीन की सीमा से लगने वाले असम और अरुणाचल प्रदेश में अंडरवाटर टनल बनाने का फ़ैसला किया है जो कि एक अहम फैसला है।

ये ऐसा वक्त से जब चीन भारत से लगातार उलझ रहा है। अपनी विस्तारवादी नीति के कारण ची़न भारत की जमीन पर आए दिन नए नए दावे ठोकता रहता है। वर्तमान में चीन भारतीय क्षेत्र के गलवान और सिक्किम जैसे क्षेत्रों में अपना दावा ठोक रहा है और आए दिन नए तरीके के षड्यंत्र रचा करता है चीन के ये षड्यंत्र भारत के लिए मुसीबत का सबब बनते हैं, लेकिन भारत भी अब आक्रमक नीति अपना रहा है।

मजबूत हो रहा है इंन्फ्रास्ट्रक्चर

भारत चीन से जुड़े सभी क्षेत्रों में अपना बेसिक इंन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत करता जा रहा है। जिससे मुश्किल वक्त में चीन पर भारत की दावेदारी अधिक मजबूत हो। भारत द्वारा लद्दाख के इलाकों में सीमा तक सड़कें और बनाई जा रही हैं साथ ही लंबे वक्त से सिक्किम में भारत ऐसे ही रोड कनेक्टिविटी को मजबूत कर रहा है। चीन भारत के द्वारा किए जा रहे इसी तरह के कार्यों से परेशान होकर नापाक हरकतें करता रहता है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

दरअसल चीन की हरकतों को देखते हुए अब केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला करते हुए चीन की सीमा तक जाने वाली एक अहम टनल के निर्माण को मंजूरी दी है। जिससे भारत को पूर्वोत्तर के राज्यों से जुड़ने में अधिक मदद मिलेगी और यदा-कदा चीन की नापाक चालों का जवाब देने में ये टनल भारतीय सेना के लिए सबसे ज्यादा लाभदायक होगी‌। खबरों के मुताबिक ये टनल ब्रह्मपुत्र नदी के अंदर से जाएगा।

अमेरिकी कंपनी से लेंगे मदद

चीन से निपटने के साथ ही देश के इंन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में इस टनल की एक महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जिसके चलते भारत सरकार इस टनल के निर्माण में अपनी प्रतिबद्धता जता रही है। खबरों के मुताबिक इसका निर्माण दिसंबर से शुरू हो जाएगा और इस टनल को बनाने में भारत अमेरिकी कंपनी लुई बर्जर की मदद भी लेगा और भारत की इस टनल को तीन चरणों में तैयार करेगा।

बेहतरीन होगी ये अंडरग्राउंड टनल

भारत द्वारा इस टनल के निर्माण से एक तरफ जहां चीन तक भारत की पहुंच में लगने वाले समय में कमी आएगी और इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश से असम तक रोड का ट्रांसपोर्टेशन और अधिक आसान हो जाएगा। इस टनल के जरिए आपातकालीन स्थिति में सैनिकों को पहुंचाने में मदद मिलेगी।

जानकारी के मुताबिक ये टनल तकनीकी रुप से भी एडवांस होगी। जिसमें पानी के भरने से रोकने और अन्य तकनीकों से लैस होगी। वहीं ये चीन में बन रही अंडरग्राउंड टनल से कही ज़्यादा लंबी और तकनीक के मामले में आगे होगी। इस टनल का बनना भारत के लिए एक बड़ी कामयाबी की तरह ही होगा।

भारत का‌ सख्त रवैया

आपको बता दें कि भारत सरकार गलवान घाटी में शहीद हुए 20 जवानों के बाद एक्शन में आ गई है। लगातार चीन के साथ आर्थिक रिश्ते तोड़े जा रहे हैं। इसके साथ ही इस मामले में भारत द्वारा चीनी मोबाइल एप्लिकेशंस पर भी बैन लगाया है।

गौरतलब है कि इस मामले भारतीय नागरिकों में चीन के खिलाफ विद्रोह जैसी स्थिति है। भारत ने भी कई चीनी कंपनियों के कॉन्ट्रैक्ट रद्द करके आर्थिक मोर्चे पर चीन को झटका दिया है।

 

 

 

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