कानपुर जिलाधिकारी के बयान पे खडे हुए सवाल, मायावती विरोध मे 
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ एकजुट हुए अखिलेश और मायावती, बसपा सुप्रीमो ने लगाई फटकार

कानपुर स्वरुप नगर सरकारी बालिका बाल गृह का मामला ज़ब मालूम था की गर्भवती भी रह रही तो किस चूक से कोरोना संक्रमण आया अंदर  गर्भवती संवासिनियों के कोरोना संक्रमित मामले पर सरकार ने दिए जाँच के निर्देश 

कानपुर स्वरुप नगर के बालिका बाल गृह में बड़ी संख्या मे संवासिनियों के कोरोना संक्रमित होने और उनमे से कुछ नाबालिग गर्भवती मे भी कोरोना संक्रमण पाए जाने पर जहाँ एक ओर प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं, तो वहीँ दूसरी ओर कानपुर के जिलाधिकारी के उस बयान ने और भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमे उन्होंने कहा है कि लड़कियां ज़ब आश्रम मे लाई गईं थी, तभी गर्भवती थी.
ऐसे मे सवाल ये उठता है कि ज़ब विभाग को मालूम था कि गर्भवती लड़कियां भी रह रही हैं, तो इतनी बड़ी चूक कैसे हो गईं कि कोरोना संक्रमण गृह मे आ गया और गर्भवती भी संक्रमित हो गईं. इसी के साथ 23 जून को उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी एक साथ तीन ट्वीट कर मामले पर चिंता ज़ाहिर की और कई सवाल सरकार के साथ ही महिला कल्याण विभाग की कार्य प्रणाली पर खड़े किए.
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी मामले पर कई सवाल खड़े  कर चुके हैं और मामले की जाँच की मांग भी सरकार से की है.

यहाँ देखें मायावती के वो ट्वीट

अपने ट्वीट मे मायावती ने कहा
“कानपुर राजकीय संरक्षण गृह मे  बहन बेटियों के कोरोना संक्रमित होने की खबर से सनसनी वा चिंता की लहर दौड़ स्वाभाविक ही है, जो पुनः साबित करता है कि यूपी में महिला सम्मान तो दूर उनके सुरक्षा के मामले में सरकार उदासीन,  लापरवाह व गैर जिम्मेदार बनी हुई है.”
अपने दूसरे ट्वीट मे उन्होंने आजमगढ़ मे हुई घटना का ज़िक्र किया है, तो तीसरे ट्वीट मे उन्होंने सरकार से मामले पर निष्पक्ष जाँच कराने की बात कहीं है. साथ ही UP के सभी बालिका व बाल गृह मे जल्द ही ज़रूरी मानवीय सुधार लाने को कहा है. मायावती के इस ट्वीट ने इस मामले की और भी गर्म कर दिया है. तो दूसरी ओर मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह तथा प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास एस राधा चौहान को महिला संरक्षण गृह, नारी निकेतन, अनाथालय और बाल सुधार गृह जैसे सामाजिक संस्थाओं में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी संस्थानों में प्रवेश से पहले प्रत्येक स्टाफ व व्यक्ति की थर्मल स्कैनिंग करा कर ही प्रवेश दिया जाए। इसके लिए प्रत्येक संस्था को इंफ्रारेड थर्मामीटर दिए जाएं। संस्थान के प्रवेश द्वार पर ही सैनेटाइजर की व्यवस्था की जाए और सर्दी, जुकाम, बुखार से पीड़ित किसी भी व्यक्ति को प्रवेश न दिया जाए।

इस नंबर पर दें सुचना… 

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि अगर किसी मे भी सर्दी, जुकाम, बुखार आदि जैसे लक्षण नजर आएं, तो तत्काल उस व्यक्ति को सभी से अलग कर इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के टोल फ्री नंबर-18001805145 पर दी जाए। उन्होंने कहा संस्थाओं में सभी लड़कियो, महिलाओ व बालक गृह मे बालको को मास्क, दुपट्टा, गमछा अथवा रुमाल आदि उपलब्ध कराएं व इसका इस्तेमाल अनिवार्य कर दें. मुलाकात करने आने वालों से भी थर्मल स्कैनिंग, मास्क का प्रयोग, सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन कराया जाए.

देखे क्या कहा जिलाधिकारी ने..

 कानपुर के जिलाधिकारी डॉ ब्रह्मदेव राम तिवारी ने मीडिया को दिए बयान मे कहा कि
“कानपुर नगर में कुल 171 संवासिनियां कल्याण समिति के आदेश से यहां रह रही हैं। यह पूरी तरह तथ्यहीन एवं निराधार है कि किशोरियां राजकीय बाल गृह (बालिका) कानपुर नगर में गर्भवती हुईं, ये ज़ब यहाँ आई थी तभी गर्भवती थी.
राजकीय बालगृह (बालिका) में 57 संवासिनियां तथा एक स्टॉफ कोरोना पॉजिटिव पाया गया है. सभी को आइसोलेशन फैसिलिटी में भर्ती कराया गया है। कोविड पॉजिटिव 5 संवासिनियां गर्भवती हैं जिनमें से 2 पीड़िताओं के 8 माह से अधिक गर्भवती होने के कारण उन्हें कोविड19 के जच्चा बच्चा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शेष सभी संवासिनियों को कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार क्वारन्टीन फैसिलिटी में रखा गया है और मामले कि पूरी जांच के लिया टीम गठित कर दी गईं है.”
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