प्रशासन ने अपराधी का गिरा दिया "किला", एसओ सस्पेंड, पिता हिरासत में, बैंक खाता सीज

KNAPUR ENCOUNTER: प्रशासन ने अपराधी का गिरा दिया “किला”, एसओ सस्पेंड, पिता हिरासत में, बैंक खाता सीज

कानपुर एनकाउंटर मामले मे ताबड़तोड़ कार्यवाही की जा रही है. एक ओर जहाँ विकास का अवैध रूप से बना किलेनुमा घर गिरा दिया गया, वहीं दूसरी ओर एसओ को संदिग्ध  मानते हुए सस्पेंड कर दिया गया है. फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है. विकास दुबे के पिता रामकुमार दुबे को भी हिरासत में ले लिया है। इसी के साथ विकास के सभी बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। पुलिस विकास की सभी संपत्तियों की जांच कर रही है।
उत्तरप्रदेश कानपुर के चौबेपुर में 3 जुलाई को हुई मुठभेड़ में शहीद पुलिस कर्मियों की शहादत पर कानपुर प्रशासन ने कुख्यात अपराधी विकास दुबे के घर को गिराकर कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। शनिवार को प्रशासन की एक टीम ने बिकरू गांव पहुंचकर विकास दुबे के किलेनुमा घर को गिरा दिया.
गांव के मकान में 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगे थे. यूपी मोस्ट वांटेड विकास ने अपराध के सहारे साम्राज्य खड़ा कर रखा है। गांव में सिक्योरिटी से लैस किले की तरह मकान है। जेल की तरह दीवारें हैं। जिन्हें अब गिरा दिया गया है. इन पर कांटेदार तारों से घेराव है। व्यवस्था ऐसी कि परिंदा भी पर मारे तो विकास को इसकी खबर हो जाए।
दींवारों की ऊंचाई तीस से चालीस फीट है। इन पर कटीले तारों की घेरेबंदी से यहां किसी का दाखिल होना आसान नहीं। अगर कोई दाखिल हो भी जाए तो उसका पकड़ा जाना तय है।

एसओ की भूमिका पर खड़े हुए सवाल….

चौबेपुर मुठभेड़ में चौबेपुर एसओ विनय तिवारी की भूमिका संदिग्ध मानते हुए आईजी रेंज कानपुर ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने का ऑर्डर जारी कर दिया है। एसटीएफ की एक टीम विनय से मुठभेड़ के संबंध में पूछताछ भी कर रही है। बता दें कि विकास से फोन से कुछ पुलिस वालों के नबंर मिले हैं। जिनसे पूछताछ की जा रही है।
बता दें कि गुरुवार देर रात विकास दुबे को पकड़ने गई टीम पर बिकरू गांव में बदमाशों ने चारों ओर से घेर कर हमला कर दिया था। जिसमें एक सीओ सहित आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए। सीएम योगी ने इस मामले में अपराधियों पर जल्द कार्रवाई के आदेश दिए है।

थानेदार विनय तिवारी रहे पीछे-पीछे, हमले से ठीक पहले भाग निकले….

थानेदार विनय तिवारी की भूमिका संदिग्ध लग रही है। पहले थानेदार ने विकास दुबे पर रिपोर्ट दर्ज न कर पीड़ित राहुल को भगा दिया था। इसके बाद सीओ ने रिपोर्ट दर्ज कराई और गिरफ्तारी के लिए दबिश दी। दबिश में चौबेपुर थानेदार गए तो लेकिन पीछे-पीछे रहे और हमले से ठीक पहले वहां से भाग निकले। इससे वे शक के घेरे में आ गए हैं।
मोहिनी नेवादा निवासी राहुल तिवारी ने दो दिन पहले चौबेपुर थाने में विकास दुबे के खिलाफ हत्या के प्रयास का आरोप लगाकर तहरीर दी थी। आरोप है कि एसओ विनय तिवारी ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। जानकारी होने पर सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा ने रिपोर्ट दर्ज कराई। इसी केस में विकास दुबे को उठाने के लिए आला अधिकारियों की अनुमति पर पुलिस ने दबिश दी।

जुआ खिलवाने का लगाया था आरोप

कुछ महीने पहले सीओ ने चौबेपुर क्षेत्र में बड़ा जुआ पकड़ा था। मामले में सीओ ने जांच की थी तो पता चला था कि जुआ खिलाने के बदले रकम थानेदार तक पहुंचती है। जिसके बाद उन्होंने उसके खिलाफ रिपोर्ट लगाई थी। ऐसे कई मामले हैं, जिनकी वजह से सीओ और एसओ के बीच विवाद रहता था। दोनों एक दूसरे से असहमत रहते थे।

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