बिकरू कांड में ये 4 महिलाएं भी दोषी किया था उस रात ये काम
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बिकरू कांड: चार्जशीट में पुलिस ने 4 महिलाओं को भी माना दोषी, घटना वाली रात किए थे ये गंदे काम

कानपुर: चौबेपुर थानाक्षेत्र के बिकरू गांव में 2 जुलाई की रात विकास दुबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। जिसके बाद पुलिस ने वारदात के आठवें दिन हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को मार गिराया था। इसके अलावा गैंग के अन्य पांच अपराधी भी पुलिस और एसटीएफ की गोली का शिकार हुए और मारे गए थे। वहीं एसपी ग्रामीण की तहरीर के आधार पर चौबेपुर थाने में आरोपितों के खिलाफ 3 जुलाई की रात दर्ज हुआ था।

चार्जशीट में चार महिलाओं को भी बनाया आरोपी

वहीं अब कानपुर पुलिस ने बिकरू कांड चार्जशीट में 4 महिलाओं को भी आरोपी बनाया है। महिलाओं पर आरोप है कि इन्होंने पुलिस कर्मियों को मारने के लिए उकसाने और उन्हें गोलियां मुहैया कराई है। वहीं इनपर मुठभेड़ के दौरान पुलिस के लूटे गए असलहों को रखने में सहायता करने का भी आरोप है।

बता दें कि बिकरू कांड में गुरुवार को पुलिस ने 36 आरोपियों के खिलाफ माती कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। जिसमें पुलिस ने संजू उर्फ संजय दुबे की पत्नी क्षमा, दयाशंकर अग्निहोत्री की पत्नी रेखा, अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे और रमेश की पत्नी शांति को भी आरोपी बनाया है।

षड्यंत्र रचने में महिलाओं को पाया दोषी

जानकारी के मुताबिक, इस वक्त सभी आरोपी महिलाएं जेल में बंद हैं। वहीं पुलिस ने चार्जशीट में यह दर्शाया है कि इन महिलाओं ने 2 जुलाई की रात मुठभेड़ के दौरान अपने पतियों को पुलिस की टीम पर फायरिंग करने के लिए उकसाया था। साथ ही उन्हें मौके पर गोलियां भी मुहैया कराई थीं।

पुलिस के पास इस बात को लेकर पर्याप्त सबूत हैं और कोर्ट में इसे साबित किया जाएगा। वहीं पुलिस के लूटे गए असलहों को रखने और छिपाने में भी महिलाओं ने उनकी सहायता की थी। चार्जशीट के मुताबिक, इन आरोपी महिलाओं को घटना में बराबर का आरोपी बनाते हुए पुलिस ने पूरा षड्यंत्र रचने में भी सभी को दोषी पाया है।

हमीरपुर अपर जिला मजिस्ट्रेट ने दिया अंतिम समय

इसके साथ ही विकास दुबे का दाहिना हाथ रहे अमर दुबे के एनकाउंटर मामले में हमीरपुर में मजिस्ट्रेट जांच के दौरान किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई और न ही साक्ष्य प्रस्तुत किया गया। वहीं अब हमीरपुर के अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनय प्रकाश श्रीवास्तव ने साक्ष्य पेश करने के लिए आठ अक्टूबर शाम चार बजे तक का समय दिया है। बता दें कि दुर्दांत विकास के भतीजे अमर दुबे के मौदहा क्षेत्र में छिपे होने पर एसटीएफ व मौदहा कोतवाली पुलिस की दबिश में मुठभेड़ हो गई, जिसमें अमर दुबे की गोली लगने से मौत हो गई थी।

 

 

 

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