73 दिनों में आ जायेगी स्वदेशी कोरोना वैक्सीन, जाने कीमत
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खुशखबरी: 73 दिनों में आ जायेगी स्वदेशी कोरोना वैक्सीन, जानें कहां, कैसे और कितने में लगेगा टीका

इस समय भारत ही नहीं, पूरी दुनिया को कोरोना वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार है। पूरी दुनिया में खलबली मचाने वाले कोरोनावायरस पर बहुत जल्द काबू किया जा सकता है।

नई दिल्ली– इस समय भारत ही नहीं, पूरी दुनिया को कोरोना वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार है। पूरी दुनिया में खलबली मचाने वाले कोरोना वायरस पर बहुत जल्द काबू किया जा सकता है। खबर है कि देश की पहली कोरोना वैक्सीन 73 दिनों में आ जाएगी। इस वैक्सीन का नाम ‘कोविशील्ड’ है, जिसे पुणे की कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट बना रही है।

राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत भारत सरकार अपने नागरिकों को मुफ्त में टीके लगवाएगी। इससे पहले तीसरे चरण के ट्रायल में कम से कम 7-8 महीने लगने की बात कही जा रही थी। 17 सेंटरों पर 1600 लोगों के बीच यह ट्रायल 22 अगस्त से शुरू हुआ है। हर सेंटर पर करीब 100 वालंटिअर हैं।

फाइनल फेज का ट्रायल हुआ शुरू

सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के एक अधिकारी ने बताया, सरकार, ने हमें एक विशेष निर्माण प्राथमिकता लाइसेंस दिया है और ट्रायल प्रोटोकॉल की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है जिससे 58 दिनों में ट्रायल पूरा किया जा सके। इसके तहत फाइनल फेज (तीसरा चरण) में ट्रायल का पहला डोज आज से दिया गया है। दूसरा डोज 29 दिनों के बाद दिया जाएगा। फाइनल ट्रायल डेटा दूसरा डोज दिए जाने के 15 दिनों के बाद आएगा। इस अवधि के बाद हम कोविशील्ड को बाजार में लाने की योजना बना रहे हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भी बोले साल के अंत तक आ जायेगी वैक्सीन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने भी कहा है कि हमारी एक कोविड-19 वैक्सीन कैंडिडेट क्लिनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में है। डॉ हर्षवर्धन ने यूपी के गाजियाबाद में NDRF के 10-बेड वाले अस्थाई अस्पताल का उद्घाटन करते हुए कहा, कि

“हमारे कोविड वैक्सीन उम्मीदवारों में से एक क्लिनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में है। हमें पूरा विश्वास है कि इस साल के अंत तक एक वैक्सीन विकसित हो जाएगी।”

उन्होंने ये भी कहा कि मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि लड़ाई के आठवें महीने में भारत में 75 प्रतिशत की सबसे अच्छा रिकवरी रेट है. कुल 2.2 मिलियन मरीज ठीक हो गए हैं और घर चले गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्री जिस वैक्सीन के बारे में बता रहे हैं वो कोविशिल्ड ही है।

सीरम इंस्टिट्यूट ने एस्ट्राजेनका नामक कंपनी के साथ एक एक्सक्लूसिव अग्रीमेंट कर अधिकार भी खरीदे हैं ताकि इसे भारत और 92 अन्य देशों में बेचा जा सके। इसके बदले में सीरम इंस्टिट्यूट कंपनी को रॉयल्टी फीस देगी।

केंद्र ने मांगे 68 करोड़ डोज

सीरम हर महीने 6 करोड़ डोज बनाना शुरू कर रहा है जिसे अप्रैल 2021 तक 10 करोड़ हर महीने तक बढ़ा दिया जाएगा। केंद्र ने अगले साल जून तक सीरम इंस्टिट्यूट से 130 करोड़ भारतीयों के लिए 68 करोड़ डोज मांगे हैं।

 

 

 

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