9 जुड़वां भाईयों के जुर्म की कहानी जिसने पुलिस के दिमाग को दिया चकमा

9 जुड़वां भाईयों के जुर्म की कहानी जिसने पुलिस के दिमाग को दिया चकमा, आज तक नहीं सुलझा केस

जैसे हम फिल्मो में देखते चले आ रहे है दो जुड़वाँ भाइयो की कहानी परन्तु अगर ये असल ज़िन्दगी में हो तो हैरानी की बात लगती है। जी हा

जैसे हम फिल्मो में देखते चले आ रहे हैं, दो जुड़वाँ भाइयो की कहानी परन्तु अगर ये असल ज़िन्दगी में हो तो हैरानी की बात लगती है। जी हाँ, आप हैरान न हो दुनिया में कुछ ऐसी घटनाये हुई हैं, जो पुलिस की कानूनी कार्रवाई में भी हैरानी की बात हो गयी, परन्तु ये जुड़वाँ भाइयो ने कानून को खूब चकमा दिया और पुलिस भी इन भाइयो को न पकड़ पायी। आईये जाने कुछ ऐसी जुड़वाँ भाईयो की कहानियो को-

सतीश और सब्रीश राज-

यह घटना मलेशिया की है। चरस व अफीम की तस्करी में छापेमारी की, जिसमे एक को पकड़ा जब दूसरा भाई आया तब पुलिस समझ नहीं पाई, डीएनए टेस्टिंग में भी कुछ नहीं पता चला बाद में कोर्ट ने दोनों को रिहाई  दी।

ओरलांडो तथा ब्रानडोन नेम्बहार्ड –

इन दोनों जुड़वाँ भाइयो ने अमेरिकी राज्य एरिज़ोना के एक नाइट क्लब के बाहर एग्ज़ेवियर ब्रूक्स को गोली मार दिया.  इस हत्या में एक भाई को ओरलाँडो को गिरफ्तार कर लिया गया फिर पता चला की ब्रानडोन नेम्बहार्ड जुड़वाँ भाई हैं, डीएनए टेस्ट का कोई परिणाम नहीं निकला।

हत्या के लिए इस्तेमाल की गई पिस्तौल ना मिलने की वजह से फिंगरप्रिंट्स भी नहीं मिले। अंत में कोर्ट ने दोनों को मुक्त कर दिया, ओरलांडो पर लगे 5 लाख डॉलर के जुर्माने को घटा कर 10 हज़ार कर दिया गया.

जेम्स और पैट्रिक हेन्सी-

ये जुड़वाँ भाई ऐसे हैं, जिन्होंने कोर्ट को चकमा दे दिया. पैट्रिक को इंग्लैंड के चेल्टेन्हम से पुलिस ने तेज़ गाड़ी चलाने के जुर्म में गिरफ्तार किया। कोर्ट की पेशी में पैट्रिक उपस्थित हुआ, परन्तु ये बताया कि पुलिस ने जिसे गिरफ्तार किया वो उसका भाई जेम्स था। कोर्ट में दोनों के डीएनए की रिपोर्ट देखी गयी. मगर कुछ फायदा नहीं हुआ. अंत में कोर्ट ने दोनों को मुक्त कर दिया.

अल्बर्ट एबेनेज़र फ़ॉक्स और एबेनेज़र अल्बर्ट फ़ॉक्स

इन फॉक्स भाईयो का जन्म 1857 में हुआ था। दोनों भाई हूबहू एक दूसरे से मिलते थे, जिस कारण इनके माता- पिता लाल रिबन इनके हाथो में बांधा करते थे। इन पर 200 मुकदमें चलाए गये, वैसे तो खेतों से लोमड़ी पकड़ने और एक पुलिस स्टेशन की इमारत के निर्माण में मजदूर का काम करते थे, लेकिन इसके अलावा उनका धंधा था अवैध शिकार करना तथा लोगों के पालतू जानवर चुराना।

फॉक्स बंधुओं की इन चालों से तंग आकर पुलिस को फिंगरप्रिंट्स जांच की मदद लेनी पड़ी। वे फॉक्स बंधु ही थे, जिनके आरोप सिद्ध करने के लिए 1904 में उनके फिंगरप्रिंट्स को सबूत के रूप में पहली बार कोर्ट में पेश किया गया था, हालाँकि कोई फायदा नहीं हुआ और दोनों को रिहा कर दिया गया।

 हसन और अब्बास ओ-

इनकी कहानी बिलकुल अलग व आश्चर्य जनक है। जर्मनी के एक स्टोर में चोरी हुई वारदात के जगह पर पुलिस को दस्ताने मिले दस्ताने के डीएनए टेस्ट दो लोगो से मैच हुए वो दोनों जुड़वाँ भाई थे। यह देख पुलिस हैरान रह गयी, पुलिस ने इस मामले में दोनों से पूछताछ की, लेकिन अंत में हुआ कुछ नहीं और पुलिस ने दोनों को अंत में रिहा कर दिया।

 चार्ल्स और जार्ज फिन-

1952 में दो भाइयों ने प्रण किया कि वो अपनी एयरलाइंस शुरू करेंगे। 1952 में इन्हीं दो भाइयों ने बैकर्सफील्ड स्कूल डिस्ट्रिक्ट से विश्व युद्ध में इस्तेमाल किया गया सी-46 एयर प्लेन ख़रीदा। फिलहाल यूएस सरकार ने इस एयर प्लेन की खरीद पर कुछ कारणों से रोक लगा दी. परन्तु दोनों भाइयो ने हार नहीं मानी उन्होंने सरकार से छुपा कर प्लेन को गायब कर दिया। पकड़े जाने पर गवाह ये पहचान ही नहीं पाया कि दोनों में से प्लेन किसने उड़ाया था और कोर्ट ने दोनों को रिहा कर दिया।

रोनाल्ड और डोनाल्ड स्मिथ-

जॉर्जिया में एक व्यक्ति एक महिला को गोली मार कर उसकी कार लेकर फ़रार हो गया. पुलिस ने महिला की कार खोज ली. इसी कार में उन्हें सिगरेट का जला हुआ फिलटर मिला, जिससे मिले डीएनए की मदद से उन्होंने डोनाल्ड स्मिथ नामक एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जो कुछ समय पहले ही नशा तस्करी के आरोप में जेल भेजा गया था.

अंततः पुलिस ने फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट के मदद से कुछ अन्य सुबूत जुटाए. सारे सुबूत रोनाल्डो को मुजरिम साबित कर रहे थे. रोनाल्ड को 25 साल की सज़ा सुनाई गयी.

टेरोन और जेरोम कूपर-

जुड़वाँ भाइयो में से जेरोम पर रेप का आरोप लगा बाद में पुलिस को ज्ञात हुआ कि इसका एक जुड़वाँ भाई भी है, जिस पर पहले भी ऐसे आरोप लगाए जा चुके हैं, पुलिस ने तय किया कि वह बोस्टन में इस्तेमाल होने वाली उस डीएनए टेस्ट मशीन का प्रयोग करेंगे, जिसने पहले भी दो जुड़वां भाइयों में से असली गुनेहगार को पकड़ने में मदद मिली थी.

बोस्टन में पकड़े गए जुड़वाँ भाइयों में से अपराधी की पहचान में डीएनए टेस्ट के अलावा अन्य सबूतों की भूमिका भी थी, लेकिन इन दोनों के डीएनए रिपोर्ट भी एक जैसे ही थे और पुलिस अंत तक किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई और अंत में उन्हें रिहा कर दिया।

योन और एल्विन गोमेज-

इन भाइयो की भी कहानी कुछ टेरोन और जेरोम कूपर जुड़वाँ भाइयो की तरह है. इन पर भी कई लड़कियों के साथ रेप करने की कोशिश के आरोप लगाए गए। कई घटनाओं पर मिले डीएनए सैम्पल्स के आधार पर पुलिस ने एक भाई को गिरफ्तार किया।

योन और एल्विन गोमेज नामक इन जुड़वाँ भाइयों की शक्ल एकदम मिलती थी। पुलिस सबसे ज़्यादा हैरानी तब हुई, जब उन्होंने पाया कि ये दोनों भाई एक ही घर में रहते हैं. एक ही फोन चलाते हैं. एक कार का इस्तेमाल करते हैं. यहां तक कि दोनों का फेसबुक अकाउंट भी एक ही है।

 

 

 

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