Mustard Oil Price: 70 फीसदी महंगे हुए सरसों तेल और रिफाइंड के दाम, जानिए क्या है अब नई कीमत

सरसों तेल की कीमतें एक बार फिर आसमान पर पहुंच गई हैं। दस दिनों के भीतर सभी कंपनियों के तेल में आठ से लेकर 12 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी हुई है। बुधवार को थोक मंडी में सरसों का तेल 158 से 164 तथा फुटकर में 165 से 172 रुपये तक बिका। वहीं शुद्ध कच्‍‍ची घानी सरसों का तेल तो 200 रुपये किलो तक बिक रहा है। साथ ही रिफाइंड एवं पाम आयल के दाम में भी उछाल आया है। छोटे-बड़े सभी कंपनियों के तेलों में नौ रुपये लीटर तक बढ़ोतरी हुई है।

70 फीसदी महंगे हुए सरसों और रिफाइंड तेल

Mustard Oil Price: 70 फीसदी महंगे हुए सरसों तेल और रिफाइंड के दाम, जानिए क्या है अब नई कीमत

खाद्य तेलों की बढ़ती हुई कीमतों से आम लोगों के रसोई का बजट गड़बड़ा रहा है। वहीं बारिश की वजह से सब्जियां भी डेढ़ गुनी कीमत पर खरीदनी पड़ रही है। सरसों का तेल हो या रिफाइंड उसकी कीमतें जनवरी से लेकर मई तक लगातार बढ़ती रही। मई के अंत में सरसों का तेल 186 रुपये तो रिफाइंड 175 रुपये लीटर तक पहुंच गया था, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 70 फीसद ज्यादा था।

पिछले महीने सस्ता हुआ था खाद्य तेल

Mustard Oil Price: 70 फीसदी महंगे हुए सरसों तेल और रिफाइंड के दाम, जानिए क्या है अब नई कीमत

हालांकि जून अंतिम सप्ताह में सरसों और रिफाइंड दोनों में 18 से 25 रुपये प्रति लीटर तक गिरावट आई थी। कुछ दिन बाद ही दाम में तेजी आनी शुरू हो गई। किराना कारोबारी रमेश गुप्ता का कहना है कि सरसों के तेल में किसी और तेल की मिलावट को रोक दिया गया। इससे भी सरसों के तेल के दाम बढ़े हैं, लेकिन ग्राहक यह बात नहीं समझता। उसे लगता है कि फुटकर कारोबारी ही अमनी मर्जी से दाम बढ़ाते हैं। कई बार ग्राहकों को संतुष्ट करने के लिए उन्हें तेल खरीद का बिल दिखाना पड़ता है।

इस वजह से बढ़ रहे हैं दाम

Mustard Oil Price: 70 फीसदी महंगे हुए सरसों तेल और रिफाइंड के दाम, जानिए क्या है अब नई कीमत

थोक कारोबारी संजय सिंहान‍ियां ने बताया कि खाद्य तेल की कीमतों में कभी इतना उतार-चढ़ाव नहीं है। मौके का फायदा उठाकर छोटी कंपनियां भी मनमाफिक दाम बढ़ा रही हैं। अगर दाम पर नियत्रंण नहीं लगा तो जल्द ही सरसों का तेल 200 रुपये लीटर के पार चला जाएगा।